ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर आखिर कैसे घूम रहा था इतना बड़ा खेल
ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर आखिर कैसे घूम रहा था इतना बड़ा खेल
साइबराबाद पुलिस ने एक ऐसी चाल को बेनकाब कर दिया है जिसने देशभर में डिजिटल फ्रॉड को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी है। ऑनलाइन ट्रेडिंग घोटालों से जुड़े इस गिरोह ने करोड़ों रुपये ठगकर एक बड़ा नेटवर्क खड़ा कर रखा था, जिसे अब देश का सबसे बड़ा म्यूल अकाउंट माफिया बताया जा रहा है।
पुलिस की जांच में सामने आया कि यह गैंग सोशल मीडिया, फेक ट्रेडिंग ऐप और ऑनलाइन ग्रुप्स के ज़रिए लोगों को निवेश के नाम पर फंसाता था। पहले छोटी कमाई दिखाकर भरोसा बढ़ाया जाता और फिर पीड़ितों को बड़े निवेश की ओर धकेला जाता था। जैसे ही रकम ट्रांसफर होती, वह कई म्यूल अकाउंट्स के जरिए तुरंत देशभर में फैला दी जाती, ताकि उसका पता लगाना मुश्किल हो जाए।
इस नेटवर्क में सैकड़ों लोग जुड़े थे, कुछ जानबूझकर, तो कुछ अपनी बैंक डिटेल्स सस्ते दाम पर बेचकर अनजाने में इसका हिस्सा बन गए थे। गिरोह इन अकाउंट्स का इस्तेमाल पैसे को एक जगह से दूसरी जगह घुमाने और अपने असली ऑपरेटरों तक पहुंचाने में करता था। पुलिस ने बताया कि सिर्फ एक महीने में ही इस नेटवर्क के जरिए करोड़ों रुपये घुमाए गए।
साइबराबाद पुलिस ने कई राज्यों में फैले ऑपरेशन्स को जोड़ते हुए बड़ी कार्रवाई की और दर्जनों लोगों को गिरफ्तार किया। कई फर्जी मोबाइल नंबर, डिजिटल वॉलेट और बैंक अकाउंट भी सीज किए गए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के कुछ तार विदेशों से जुड़े हो सकते हैं, क्योंकि कई ट्रांजैक्शन अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से किए गए थे।
ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर धोखाधड़ी नए तरीके से बढ़ती दिख रही है। पुलिस लगातार लोगों को सावधान कर रही है कि किसी भी अनजान लिंक, ऐप या ग्रुप के जरिए निवेश न करें, खासकर जहां कम समय में ज्यादा मुनाफे का वादा किया जाता है।
इस खुलासे ने फिर दिखा दिया है कि डिजिटल ठगी किस स्तर पर संगठित हो चुकी है। साइबराबाद की इस कार्रवाई ने एक बड़े नेटवर्क को तोड़ दिया है, लेकिन चेतावनी भी दे दी है कि ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर चल रहा यह खेल अभी भी कई जगह सक्रिय है।
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