ईरान पर बंकर बस्टर हमले के बाद क्या होर्मूज स्ट्रेट पर अमेरिका का कब्जा?
ईरान पर बंकर बस्टर हमले के बाद क्या होर्मूज स्ट्रेट पर अमेरिका का कब्जा?
डोनाल्ड ट्रम्प के नेतृत्व में अमेरिका ने होर्मूज जलडमरूमध्य को लेकर सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है। अमेरिकी सेना ने ईरान के मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया है, जो इस अहम समुद्री मार्ग के पास स्थित थे।
ईरान के मिसाइल ठिकानों पर हमला
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के तटीय इलाकों में बने मिसाइल ठिकानों पर हमला किया। दावा है कि इन ठिकानों से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाया जा रहा था। इन्हें नष्ट करने के लिए करीब 5,000 पाउंड (लगभग 2200 किलोग्राम) वजनी बंकर बस्टर बमों का इस्तेमाल किया गया।
होर्मूज जलडमरूमध्य क्यों है अहम
Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है। यहां से करीब 20 प्रतिशत वैश्विक तेल आपूर्ति गुजरती है। इस मार्ग के बाधित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार पर सीधा असर पड़ता है।
वैश्विक बाजार पर असर
होर्मूज जलडमरूमध्य के बंद होने से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली। यूरोप और एशिया के कई देशों को तेल और एलपीजी गैस की कमी का सामना करना पड़ा। इसके बाद कुछ देशों ने बातचीत के जरिए अपने जहाजों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की।
क्या होते हैं बंकर बस्टर बम
बंकर बस्टर बम ऐसे शक्तिशाली हथियार होते हैं, जो जमीन के अंदर या कंक्रीट से बने मजबूत सैन्य ठिकानों को भेदकर उन्हें नष्ट कर सकते हैं। इनका उपयोग विशेष रूप से छिपे हुए और सुरक्षित ठिकानों को खत्म करने के लिए किया जाता है।
ट्रंप का बयान और सहयोगियों पर नाराजगी
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह कार्रवाई वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि कई सहयोगी देश इस स्थिति में अमेरिका का साथ नहीं दे रहे हैं, जिससे उन्होंने नाराजगी जताई है।
आगे क्या होगा?
इस पूरे घटनाक्रम के बीच इजराइल की भूमिका को लेकर भी चर्चा हो रही है। वहीं ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें होर्मूज जलडमरूमध्य पर टिकी हैं और आगे की स्थिति ईरान की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगी।
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