पाहलगाम हमले के बाद भारत ने चिनाब नदी का जल प्रवाह रोका, पाकिस्तान में जल संकट गहराया
पाहलगाम हमले के बाद भारत ने चिनाब नदी का जल प्रवाह रोका, पाकिस्तान में जल संकट गहराया
भारत ने जम्मू-कश्मीर के बागलीहार और सलाल बांधों के स्लूइस गेट्स बंद कर दिए हैं, जिससे चिनाब नदी का जल प्रवाह पाकिस्तान की ओर लगभग 90% तक कम हो गया है। यह कदम 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद उठाया गया है, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है और इसके जवाब में 1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता से हुए सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया है।
बांधों के गेट्स बंद करने से जम्मू के अखनूर क्षेत्र में चिनाब नदी का जल स्तर 25-30 फीट से घटकर मात्र 1.5-2 फीट रह गया है, जिससे स्थानीय निवासी पहली बार नदी के तल पर पैदल चलने में सक्षम हुए हैं।
पाकिस्तान की सिंधु नदी प्रणाली प्राधिकरण (IRSA) के अनुसार, 23 अप्रैल को चिनाब में जल प्रवाह 29,675 क्यूसेक था, जो 5 मई तक घटकर 11,423 क्यूसेक रह गया है। इससे पाकिस्तान को अपनी कृषि जल आपूर्ति में 20% तक की कटौती करनी पड़ सकती है, जिससे खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
भारत के इस कदम को पाकिस्तान ने आक्रामक कार्रवाई के रूप में देखा है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
यह स्थिति भारत और पाकिस्तान के बीच जल विवाद को और गहरा कर सकती है, जिससे क्षेत्रीय तनाव में वृद्धि हो सकती है।