धार्मिक उत्सव के चलते 5 घंटे बंद रहा एयरपोर्ट, जानें केरल के इस त्योहार का राज

Updated on 2026-04-03T11:37:17+05:30

धार्मिक उत्सव के चलते 5 घंटे बंद रहा एयरपोर्ट, जानें केरल के इस त्योहार का राज

धार्मिक उत्सव के चलते 5 घंटे बंद रहा एयरपोर्ट, जानें केरल के इस त्योहार का राज

केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के पवित्र पैंकुनी अरट्टू उत्सव के लिए गुरुवार शाम करीब 5 घंटे तक इंटरनेशनल एयरपोर्ट की उड़ान सेवाएं रोक दी गईं। यह व्यवस्था मंदिर की पारंपरिक शोभायात्रा को रनवे से गुजरने की अनुमति देने के लिए की गई थी।

तिरुवनंतपुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (TIAL) के अनुसार, उड़ानें शाम करीब 4:45 बजे रोक दी गईं और शोभायात्रा के वापस लौटने के बाद रात 9 बजे सेवाएं दोबारा शुरू कर दी गईं।

यह परंपरा कोई नई नहीं है। एयरपोर्ट प्रशासन पिछले कई दशकों से साल में दो बार कुछ घंटों के लिए उड़ान सेवाएं रोकता है, ताकि मंदिर की सदियों पुरानी धार्मिक शोभायात्रा रनवे से होकर गुजर सके।

इस बार की शोभायात्रा शाम करीब 5 बजे मंदिर से शुरू हुई। इसमें त्रावणकोर शाही परिवार के सदस्य, बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सजे-धजे हाथी, घुड़सवार पुलिस और पुलिस बैंड शामिल थे। पूर्व शाही परिवार के प्रमुख श्री मूलम तिरुनल राम वर्मा ने पारंपरिक वेशभूषा में इस जुलूस का नेतृत्व किया।

शोभायात्रा एयरपोर्ट के टरमैक से होते हुए शंकुमुखम समुद्र तट तक पहुंची, जहां भगवान पद्मनाभस्वामी, नरसिंह और कृष्ण स्वामी की उत्सव मूर्तियों को समुद्र में पवित्र स्नान कराया गया। इसके बाद पारंपरिक मशालों की रोशनी में जुलूस वापस मंदिर लौट आया।

एयरपोर्ट प्रशासन ने सोशल मीडिया पर भी इस आयोजन की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि यह परंपरा आस्था और विरासत का प्रतीक है, जो समय और स्थान की सीमाओं से ऊपर है।

यह परंपरा 1932 से चली आ रही है, जब एयरपोर्ट का निर्माण हुआ था। इतिहास के अनुसार, त्रावणकोर के राजा ने पहले ही तय किया था कि एयरपोर्ट साल में 363 दिन आम उपयोग के लिए रहेगा और 2 दिन भगवान पद्मनाभस्वामी के उत्सव के लिए समर्पित होंगे।

इसी परंपरा के तहत हर साल अल्पासी और पैंकुनी उत्सव के दौरान NOTAM जारी कर कुछ घंटों के लिए उड़ानें रोकी जाती हैं, जिसे आज भी पूरी श्रद्धा के साथ निभाया जा रहा है।

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