प्रेम विवाह पर रोक को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बताया "घृणित", युवती को दी सुरक्षा

Updated on 2025-06-20T10:50:29+05:30

प्रेम विवाह पर रोक को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बताया "घृणित", युवती को दी सुरक्षा

प्रेम विवाह पर रोक को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बताया "घृणित", युवती को दी सुरक्षा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक बालिग महिला के अपनी पसंद से शादी करने के फैसले पर परिवार द्वारा आपत्ति जताने को “घृणित” करार दिया है। अदालत ने कहा कि यह मामला व्यक्तिगत स्वतंत्रता का है और इसमें परिवार की जबरदस्ती अस्वीकार्य है।

यह टिप्पणी 27 वर्षीय महिला को सुरक्षा प्रदान करते हुए की गई, जिसे अपने अपहरण की आशंका थी। जस्टिस जे.जे. मुनिर और प्रवीण कुमार गिरी की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि अपनी पसंद से विवाह करने का अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) के तहत संरक्षित है।

अदालत ने कहा कि जब एक बालिग महिला अपनी मर्जी से जीवनसाथी चुनती है, तो उसमें किसी भी बाहरी दबाव का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। फैसले को लेकर संविधानिक मूल्यों की सराहना की जा रही है।