अमिताभ बच्चन ने ठुकराया ₹10,000 का विज्ञापन ऑफर, मरीन ड्राइव की बेंच पर चूहों संग गुजारी रातें
अमिताभ बच्चन ने ठुकराया ₹10,000 का विज्ञापन ऑफर, मरीन ड्राइव की बेंच पर चूहों संग गुजारी रातें
बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने अपने संघर्ष के दिनों में ₹10,000 के एक विज्ञापन प्रस्ताव को ठुकरा दिया था, जबकि उस समय वह केवल ₹50 प्रति माह कमा रहे थे और मरीन ड्राइव की बेंच पर चूहों के बीच रातें बिताने को मजबूर थे।
1960 के दशक के अंत में, अमिताभ बच्चन ने मुंबई में अभिनय करियर की शुरुआत की। उस समय, उन्हें रेडियो पर काम करके केवल ₹50 प्रति माह की आय होती थी। एक विज्ञापन एजेंसी ने उन्हें ₹10,000 का प्रस्ताव दिया, जो उस समय एक बड़ी राशि थी। हालांकि, उन्होंने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया क्योंकि उनका मानना था कि विज्ञापन करने से उनकी एक गंभीर अभिनेता की छवि प्रभावित हो सकती है।
उन दिनों, उनके पास रहने के लिए कोई स्थायी स्थान नहीं था। दोस्तों के घरों में अधिक समय तक रहना संभव नहीं था, इसलिए उन्होंने मरीन ड्राइव की बेंचों पर रातें बिताईं, जहां बड़े-बड़े चूहे उनके साथ थे। उन्होंने कहा, "मैंने मरीन ड्राइव की बेंचों पर कुछ दिन बिताए, जहां मैंने अपने जीवन के सबसे बड़े चूहे देखे।"
अमिताभ बच्चन का यह समर्पण और संघर्ष उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में से एक बनने की राह पर ले गया। उनकी यह कहानी आज भी नए कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।