क्या ये मंदी के संकेत? अमेरिका में 3 साल बाद पहली बार ऐसा हुआ, टैरिफ वॉर के बीच बड़ा झटका।
क्या ये मंदी के संकेत? अमेरिका में 3 साल बाद पहली बार ऐसा हुआ, टैरिफ वॉर के बीच बड़ा झटका।
डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी ने दुनिया भर में हलचल मचाई है, और अब इसका असर अमेरिका पर भी दिखने लगा है। टैरिफ वॉर की वजह से पहले अमेरिकी शेयर बाजार में तेज गिरावट आई और अब अमेरिकी अर्थव्यवस्था भी इसकी चपेट में आ गई है।
तीन साल बाद गिरावट
मार्च तिमाही के आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका की इकोनॉमी 0.3% सिकुड़ गई है। यह पिछले तीन सालों में पहली गिरावट है। इसके बाद मंदी की आशंका और तेज हो गई है। बुधवार को जब ये आंकड़े जारी हुए, तब शेयर बाजार भी झटका खा गया—Dow Jones और Nasdaq दोनों में बड़ी गिरावट देखने को मिली।
टैरिफ वॉर का असर
ट्रंप 2.0 की शुरुआत के साथ ही अमेरिका ने कई देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ यानी जवाबी शुल्क लगाया, जिससे ट्रेड वॉर छिड़ गई। इसका सबसे बड़ा असर अमेरिका और चीन के बीच देखने को मिला, जिससे वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई।
क्यों गिरी GDP?
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, GDP में गिरावट की बड़ी वजह आयात में भारी बढ़ोतरी है। अमेरिकी कंपनियों ने टैरिफ वॉर के डर से ज्यादा माल इंपोर्ट किया, जिससे GDP पर असर पड़ा।
ADP रिपोर्ट का संकेत
एक निजी रिपोर्ट में भी कहा गया है कि अमेरिकी इकोनॉमी में मंदी के संकेत मिल रहे हैं। इससे पहले 2024 की चौथी तिमाही में अमेरिका की इकोनॉमी 2.4% की दर से बढ़ी थी, लेकिन अब गिरावट ने चिंता बढ़ा दी है।
क्या आ गई मंदी?
अभी सिर्फ एक तिमाही में गिरावट आई है, लेकिन अगर लगातार दो तिमाहियों तक GDP घटती है तो इसे तकनीकी रूप से "मंदी" माना जाता है। एक्सपर्ट्स पहले से ही चेतावनी दे रहे थे कि ट्रंप की टैरिफ नीति महंगाई बढ़ा सकती है और अब ये आशंका और गहरी हो गई है।
शेयर बाजार में असर
GDP के आंकड़ों का असर सीधा बाजार पर पड़ा। बुधवार को Dow Jones में करीब 438 अंक और Nasdaq में 362 अंक की गिरावट आई। S&P 500 भी लगभग 85 अंक नीचे चला गया। हालांकि दिन के अंत तक थोड़ी रिकवरी जरूर दिखी।