बिना चेतावनी युद्धपोत पर हमला, अमेरिका को भुगतना पड़ेगा अंजाम

Updated on 2026-03-05T13:32:28+05:30

बिना चेतावनी युद्धपोत पर हमला, अमेरिका को भुगतना पड़ेगा अंजाम

बिना चेतावनी युद्धपोत पर हमला, अमेरिका को भुगतना पड़ेगा अंजाम

ईरान ने हिंद महासागर में उसके युद्धपोत फ्रिगेट IRIS Dena को डुबोने की घटना पर अमेरिका के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया दी है. ईरान का आरोप है कि अमेरिकी पनडुब्बी ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में टॉरपीडो हमला कर जहाज को निशाना बनाया.

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि यह जहाज भारतीय नौसेना के दौरे पर था और इसमें करीब 130 नाविक सवार थे. उनके अनुसार बिना किसी चेतावनी के युद्धपोत पर हमला किया गया, जो अंतरराष्ट्रीय नियमों का गंभीर उल्लंघन है.

अराघची ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह की मिसाल कायम करने पर उसे गहरा पछतावा होगा. उन्होंने इस घटना को “समुद्र में अत्याचार” बताया और कहा कि ईरान इस मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उठाएगा.

जानकारी के मुताबिक, यह युद्धपोत 18 से 25 फरवरी तक बंगाल की खाड़ी में आयोजित मिलान इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में हिस्सा लेकर विशाखापत्तनम से अपने देश लौट रहा था. श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में उस पर हमला किया गया, जिसे दूसरे विश्व युद्ध के बाद टॉरपीडो से जहाज डुबोने की दुर्लभ घटना बताया जा रहा है.

यह भी पढ़े 

ईरान पर US-इजरायल हमले की AIMPLB निंदा, युद्धविराम की मांग