बेंगलुरु स्टैम्पीड: कौन है जिम्मेदार? कई जांचें और हाईकोर्ट की सुनवाई जारी
बेंगलुरु स्टैम्पीड: कौन है जिम्मेदार? कई जांचें और हाईकोर्ट की सुनवाई जारी
बेंगलुरु में 4 जून को RCB की पहली IPL जीत का जश्न मनाते समय स्टेडियम के बाहर भगदड़ मच गई, जिसमें 11 लोग मारे गए और दर्जनों घायल हुए । इस घटना के बाद कई जांचें शुरू की गईं और हाईकोर्ट की सुनवाई शुरू हो गई। राज्य सरकार ने क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) को केस सौंपते हुए एक विशेष SIT बनाई है, जो घटनास्थल की तस्वीरें जुटा रही है और गवाहों से बयान ले रही है । साथ ही, एक न्यायिक आयोग भी नियुक्त किया गया है, जिसका नेतृत्व रिटायर्ड HC जज जॉन माइकल ड’कुन्हा कर रहे हैं, रिपोर्ट देने की समय सीमा एक माह तय की गई है ।
हाईकोर्ट ने अपनी सुनवाई में राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह इवेंट की अनुमतियों, भीड़ नियंत्रण योजनाओं और आपातकालीन तैयारियों सहित नौ प्रमुख बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी दे । अतिरिक्त रूप से, कोर्ट ने आरोपी RCB अधिकारियों और DNA Entertainment के कर्मचारियों को गिरफ्तार करने के अगले legal कदमों पर अंतरिम राहत पर सुनवाई के लिए अपना निर्णय सुरक्षित रखा है ।
RCB ने अपनी ओर से हाईकोर्ट में गुहार लगाई है कि उन पर दर्ज क्रिमिनल केस को खारिज किया जाए, उन्होंने आरोप लगाया है कि उन्हें झूठा फंसाया गया है और जिम्मेदारी पुलिस के crowd‑control फेलियर की है । RCB ने यह भी बताया कि उन्होंने सामाजिक मीडिया पर स्पष्ट किया था कि मुफ्त पास केवल आवेदन के बाद ही उपलब्ध थे, लेकिन गेट समय पर नहीं खोले जाने से भीड़ में भड़भड़ हुई ।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने घटना पर गहरा दुख जताया था और कहा कि इस जश्न को बाधित कर प्रशासन की नाकामी सामने आई है। पांच वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया, जबकि KSCA एवं इवेंट आयोजकों के खिलाफ FIR दर्ज की गई । साथ ही, मृतकों के परिजन को ₹10 लाख और घायलों को चिकित्सा सहायता देने की घोषणा की गयी ।
स्थिति का सार:
11 लोग मारे गए, लगभग 50 घायल
कई parallel जांचें जारी: CID‑SIT, magisterial, judicial commission
हाईकोर्ट में आरोपी RCB और DNA Entertainment पर कानूनन फैसले लंबित हैं
RCB ज़िम्मेदारी से इनकार करता है, न्यायालय आगे देखेगा
अब आगे क्या होगा?
1. judicial commission की रिपोर्ट जल्द आने की उम्मीद (30 दिन की अवधि)
2. हाईकोर्ट की अगली सुनवाई में RCB की interim राहत निर्णय
3. CID‑SIT की जांच और एफआईआर के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई
हालात स्पष्ट हैं: कई संस्थाएँ जांच प्रक्रिया में शामिल हैं, जिससे जिम्मेदारी तय हो सके। फैला न्यूज़ पर हम इस मामले की सभी आगे की अपडेट लेकर आते रहेंगे।