Bihar Doctors Strike: बिहार में जूनियर डॉक्टर्स हड़ताल पर, 6 मांगें पूरी करो!
Bihar Doctors Strike: बिहार में जूनियर डॉक्टर्स हड़ताल पर, 6 मांगें पूरी करो!
बिहार के सभी मेडिकल कॉलेज, जैसे पीएमसीएच और एनएमसीएच के जूनियर डॉक्टर गुरुवार से हड़ताल पर चले गए हैं। पीएमसीएच में करीब 1000 जूनियर डॉक्टर (फर्स्ट ईयर, सेकंड ईयर और थर्ड ईयर पीजी स्टूडेंट्स) ने कामकाज ठप कर दिया।
डॉक्टर सिमरन ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मुख्य मांगें पूरी नहीं करेगी, हड़ताल जारी रहेगी। बातचीत चल रही है, लेकिन बिना मांगें पूरी हुए हड़ताल खत्म नहीं होगी। उन्होंने कहा कि पीजी करने के बावजूद बिहार में सीनियर रेजिडेंट के पद पर नियुक्ति नहीं हो रही, जबकि अन्य राज्यों में यह सुविधा है।
जूनियर डॉक्टरों की प्रमुख मांगें:
- बॉन्ड पोस्टिंग अवधि: इसे केवल 1 वर्ष किया जाए और अनुपालन न करने पर 10 लाख रुपये का मुआवजा लागू हो।
- सीनियर रेजिडेंट मान्यता: बॉन्ड सेवा को सीनियर रेजिडेंट के अनुभव में शामिल किया जाए।
- वेतन वृद्धि: वर्तमान मानकों और कार्यभार के अनुसार एसआर के वेतन में उचित बढ़ोतरी हो।
- मेरिट-कम-चॉइस पोस्टिंग: बॉन्ड पोस्टिंग पीजी मेरिट-कम-चॉइस और संबंधित विभाग/विशेषता में ही हो।
- वेटिंग पीरियड का समावेश: परिणाम घोषित होने और पोस्टिंग शुरू होने के बीच का समय भी बॉन्ड अवधि में शामिल हो।
- पहले से अर्जित वेतन: यदि कोई डॉक्टर बॉन्ड पूरा होने से पहले इस्तीफा देता है, तो पहले से लिया गया वेतन वापस न लिया जाए, केवल बॉन्ड दंड लागू हो।
हड़ताल का असर:
हड़ताल के पहले दिन ही स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित हुई। पीएमसीएच में मरीज इलाज न मिलने के कारण लौट गए। नालंदा की पिंकी कुमारी ने कहा कि उनके डेढ़ साल के बेटे का ऑपरेशन हुआ था, लेकिन आज डॉक्टर नहीं मिलने से उन्हें लौटना पड़ा। मसौढ़ी के श्याम नंदन प्रसाद ने कहा कि वे खांसी की समस्या के इलाज के लिए आए थे, लेकिन इलाज न होने के कारण अब प्राइवेट अस्पताल जाना पड़ेगा।