बॉम्बे हाई कोर्ट ने घटाई सजा: आजीवन कारावास को 10 साल की जेल में बदला, फैसला विवादों में

Updated on 2025-03-26T12:38:53+05:30

बॉम्बे हाई कोर्ट ने घटाई सजा: आजीवन कारावास को 10 साल की जेल में बदला, फैसला विवादों में

बॉम्बे हाई कोर्ट ने घटाई सजा: आजीवन कारावास को 10 साल की जेल में बदला, फैसला विवादों में

क्या है मामला?

बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी पाए गए एक व्यक्ति की आजीवन कारावास की सजा को 10 साल की जेल में बदल दिया। यह मामला महाराष्ट्र के अकोला जिले का है, जहां 2013 में एक श्रमिक को डेढ़ साल की बच्ची के यौन उत्पीड़न का दोषी ठहराया गया था।

कैसे हुआ अपराध?

दोषी ने एक घर में जबरन घुसकर बच्ची पर हमला किया। जब बच्ची की माँ मदद के लिए बाहर गई, तो आरोपी ने उसका शोषण किया। माँ के लौटने पर उसने आरोपी को बच्ची के साथ देखा। आरोपी ने माँ पर भी हमला करने की कोशिश की, लेकिन शोर मचाने पर भाग गया।

कोर्ट का फैसला

हाई कोर्ट ने कहा कि आरोपी दोषी है और सजा जायज है, लेकिन आजीवन कारावास को कठोर बताते हुए इसे 10 साल की जेल में बदल दिया।

फैसले पर विवाद

कानूनी विशेषज्ञ और सामाजिक कार्यकर्ता सजा कम करने को लेकर नाराज हैं। उनका सवाल है कि ऐसे जघन्य अपराध में नरमी क्यों? क्या 10 साल की सजा पर्याप्त है? क्या यह न्याय है?