एससी एसटी आरक्षण में क्रीमी लेयर पर केंद्र का जवाब

Updated on 2026-02-11T16:09:25+05:30

एससी एसटी आरक्षण में क्रीमी लेयर पर केंद्र का जवाब

एससी एसटी आरक्षण में क्रीमी लेयर पर केंद्र का जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आरक्षण से ‘क्रीमी लेयर’ को बाहर करने की मांग से जुड़ी याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब तलब किया है। रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने सरकार से पूछा है कि इस मुद्दे पर अब तक क्या कदम उठाए गए हैं और क्या कोई ठोस नीति या कार्यवाही प्रस्तावित है।

मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि आरक्षण का लाभ वास्तविक रूप से वंचित और पिछड़े वर्गों तक पहुंचे, इसके लिए एससी-एसटी वर्गों के भीतर भी उप-वर्गीकरण और क्रीमी लेयर जैसी व्यवस्था पर विचार किया जाना चाहिए। अदालत ने इस दलील पर केंद्र का पक्ष जानना आवश्यक बताया।

बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही उप-वर्गीकरण के मुद्दे पर अपना फैसला सुना चुका है, जिसमें राज्यों को एससी-एसटी वर्गों के भीतर उप-वर्गीकरण करने की अनुमति दी गई थी। इसी फैसले के अनुपालन और उसके बाद की कार्रवाई को लेकर अदालत ने केंद्र से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने यह भी जानना चाहा कि क्या सरकार ने इस संबंध में कोई अध्ययन, आयोग या नीति निर्माण प्रक्रिया शुरू की है। अदालत ने केंद्र को निर्देश दिया कि वह निर्धारित समय सीमा में हलफनामा दाखिल कर अपनी स्थिति स्पष्ट करे।

इस बीच, याचिका में कहा गया कि आरक्षण का मौजूदा ढांचा कुछ सीमित वर्गों तक केंद्रित हो रहा है, जिससे अत्यंत वंचित समुदायों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा। इस आधार पर क्रीमी लेयर को बाहर करने की मांग उठाई गई है।

वहीं दूसरी ओर, केंद्र सरकार की ओर से विस्तृत जवाब अभी दाखिल नहीं किया गया है। अदालत ने कहा कि सरकार का रुख स्पष्ट होना आवश्यक है ताकि आगे की सुनवाई में नीति और संवैधानिक पहलुओं पर विस्तार से विचार किया जा सके।

मामले की अगली सुनवाई निर्धारित तिथि पर होगी, जहां केंद्र सरकार का जवाब रिकॉर्ड पर लिया जाएगा। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट इस विषय पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया तय करेगा।

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