City of Imarti:भारत के इस राज्य में 200 साल पुरानी इमरती का स्वाद
City of Imarti:भारत के इस राज्य में 200 साल पुरानी इमरती का स्वाद
City Of Imarti: उत्तर प्रदेश में अलग-अलग संस्कृति, परंपरा और स्वादिष्ट व्यंजन देखने को मिलते हैं। यहां का हर कोना अपने खास खाने के लिए जाना जाता है। चाहे मसालेदार स्ट्रीट फूड हो या मीठे व्यंजन, स्वाद की कमी कभी नहीं रहती। इनमें से एक खास मिठाई है इमरती, जो अपने अनोखे स्वाद और लंबी इतिहास के लिए मशहूर है। खास बात यह है कि इस मिठाई से जुड़ा एक पूरा शहर भी है।
- इमरती का शहर
उत्तर प्रदेश के जौनपुर को ही इमरती का शहर कहा जाता है। माना जाता है कि इमरती यहीं बनी थी। ब्रिटिश काल के दौरान बेनीराम देवी प्रसाद राम के एक पोस्टमैन ने इसे बनाया था। उन्होंने उड़द दाल का बैटर तैयार किया, उसे घी में तला और फिर चीनी के शीरे में डुबोकर मिठाई बनाई। मुलायम टेक्सचर, सही मिठास और खूबसूरत आकार की वजह से इमरती जल्दी ही लोगों की पसंद बन गई।
- जीआई टैग वाली मिठाई
जौनपुर की इमरती को ज्योग्राफिकल इंडिकेशन (GI) टैग भी मिल चुका है। इसका मतलब है कि असली जौनपुरी इमरती का स्वाद और बनाने का तरीका सुरक्षित रहेगा और इसे कहीं और उसी नाम से नहीं बनाया जा सकेगा। यह मिठाई जौनपुर की पाक विरासत का गर्व बन चुकी है।
- भारत और विदेशों में लोकप्रियता
इमरती की शुरुआत एक ब्रिटिश अधिकारी के लिए हुई थी, लेकिन जल्द ही यह स्थानीय लोगों की फेवरेट बन गई। धीरे-धीरे इसकी प्रसिद्धि पूरे भारत में फैली और अब यह अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी पसंद की जाने लगी है।
- इमरती बनाने का तरीका
इमरती बनाने का खास तरीका इसका स्वाद बनाता है। उड़द दाल को भिगोकर मुलायम बैटर तैयार किया जाता है, फिर उसे सर्पिल आकार में घी में तला जाता है और चीनी के शीरे में डुबोया जाता है।
आज जौनपुर की इमरती त्योहारों, शादियों और खास अवसरों की मुख्य मिठाई है। यह मिठाई अब जौनपुर की पहचान बन गई है और पीढ़ी-दर-पीढ़ी मिठाई प्रेमियों को लुभा रही है।