CJP Protest: भारत पहुंचते ही अभिजीत दीपके का बड़ा बयान, मचा बवाल
CJP Protest: भारत पहुंचते ही अभिजीत दीपके का बड़ा बयान, मचा बवाल
दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए अमेरिका से भारत पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने देश में कदम रखते ही अपनी मांग दोहराई. उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए और छात्रों से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय की जानी चाहिए. दीपके ने दावा किया कि पांच छात्रों की आत्महत्या जैसे गंभीर मामलों पर सरकार को जवाब देना होगा.
छात्रों के मुद्दों को लेकर प्रदर्शन
अभिजीत दीपके लंबे समय से छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को उठा रहे हैं. जंतर-मंतर पर होने वाले इस प्रदर्शन को लेकर उन्होंने पहले भी देशभर के छात्रों, युवाओं और समर्थकों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की थी. उनका कहना है कि यह आंदोलन छात्रों के अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर है.
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की मिली अनुमति
दिल्ली में भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कॉकरोच जनता पार्टी ने घोषणा की है कि उसे जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति मिल गई है. शनिवार को आयोजित इस प्रदर्शन के जरिए संगठन राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET), केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE), कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) और कर्मचारी चयन आयोग (SSC) समेत विभिन्न भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं पर जवाबदेही की मांग कर रहा है.
एयरपोर्ट पर पुलिस अधिकारियों ने की मुलाकात
CJP की ओर से जारी बयान में कहा गया कि दिल्ली पहुंचने के बाद एयरपोर्ट पर पुलिस अधिकारियों ने अभिजीत दीपके से मुलाकात की. संगठन ने अपने समर्थकों और प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि वे संसद मार्ग थाने के बजाय सीधे जंतर-मंतर पहुंचें और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन में भाग लें.
सोनम वांगचुक ने भी दिया समर्थन
इस आंदोलन को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भी समर्थन मिला है. उन्होंने कहा कि यदि अभिजीत दीपके को गिरफ्तार किया जाता है तो वह छह सप्ताह तक अनशन करेंगे. वांगचुक के इस बयान के बाद प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा और तेज हो गई है.
CJP का कहना है कि यह एक शांतिपूर्ण और संवैधानिक आंदोलन है, जिसका उद्देश्य छात्रों की आवाज को सरकार तक पहुंचाना और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है.
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