विजय कैबिनेट में कांग्रेस की एंट्री! राहुल गांधी का बड़ा प्लान?
विजय कैबिनेट में कांग्रेस की एंट्री! राहुल गांधी का बड़ा प्लान?
तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर राज्य की सत्ता संभाल ली है. उनकी पार्टी तमिलगा वेट्टी कजगम (TVK) ने पहली बार चुनाव लड़ते हुए ऐसा प्रदर्शन किया कि पूरे देश की राजनीति में हलचल मच गई. अब इस नई सरकार में कांग्रेस की भी एंट्री होने जा रही है, जो करीब 55 साल बाद तमिलनाडु सरकार का हिस्सा बनेगी.
विजय बने तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री
चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में विजय ने तमिलनाडु के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने उन्हें और नौ मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. समारोह में भारी भीड़ और समर्थकों का उत्साह देखने लायक था. विजय की एंट्री को तमिलनाडु की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत माना जा रहा है.
पहले चुनाव में TVK का बड़ा धमाका
विजय के नेतृत्व में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रही TVK ने 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनने का रिकॉर्ड बनाया. हालांकि बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटों का आंकड़ा पार्टी पार नहीं कर सकी. इसी वजह से सरकार गठन के लिए विजय को कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों का समर्थन लेना पड़ा.
कांग्रेस की सरकार में वापसी
तमिलनाडु में कांग्रेस की वापसी राजनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है. कांग्रेस ने इस चुनाव में DMK गठबंधन के तहत 28 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन सिर्फ 5 सीटें ही जीत सकी. इसके बावजूद पार्टी हाईकमान ने TVK को समर्थन देने का फैसला किया. बदले में विजय ने कांग्रेस को अपनी कैबिनेट में दो मंत्री पद देने पर सहमति जताई है.
बताया जा रहा है कि नई दिल्ली में राहुल गांधी और AICC नेतृत्व के साथ कई दौर की बैठकों के बाद यह रणनीति तैयार की गई. कांग्रेस के समर्थन से TVK अब आसानी से बहुमत का आंकड़ा पार कर चुकी है.
इन पार्टियों ने भी दिया समर्थन
विजय सरकार को कांग्रेस के अलावा CPI, CPI(M), IUML और VCK जैसी पार्टियों का भी समर्थन मिला है. इन दलों के साथ आने से TVK गठबंधन मजबूत स्थिति में पहुंच गया है. राजनीतिक जानकार इसे दक्षिण भारत की राजनीति में नए समीकरणों की शुरुआत मान रहे हैं.
55 साल बाद कांग्रेस को मंत्री पद
तमिलनाडु में कांग्रेस लंबे समय से DMK की सहयोगी रही, लेकिन उसे सरकार में मंत्री पद नहीं मिला था. 2006 में कांग्रेस ने 34 सीटें जीती थीं, फिर भी DMK सरकार में उसे प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया था. ऐसे में अब 55 साल बाद कांग्रेस का मंत्रिमंडल में शामिल होना पार्टी के लिए बड़ी राजनीतिक वापसी माना जा रहा है.
कौन बन सकता है मंत्री?
AICC के राष्ट्रीय पर्यवेक्षक गिरीश चोडंकर ने कहा है कि कांग्रेस कोटे के मंत्रियों के नाम पर अभी चर्चा जारी है. सूत्रों के मुताबिक मेलूर विधायक पी. विश्वनाथन और किल्लियूर विधायक एस. राजेश कुमार मंत्री पद की रेस में सबसे आगे बताए जा रहे हैं. अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान द्वारा लिया जाएगा.
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