बजट सत्र में कांग्रेस की रणनीति और मनरेगा पर फोकस

Updated on 2026-01-23T16:29:48+05:30

बजट सत्र में कांग्रेस की रणनीति और मनरेगा पर फोकस

बजट सत्र में कांग्रेस की रणनीति और मनरेगा पर फोकस

संसद के बजट सत्र से पहले कांग्रेस ने अपनी रणनीति को लेकर संकेत देने शुरू कर दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, पार्टी इस सत्र में सरकार को कानून व्यवस्था और मनरेगा जैसे मुद्दों पर घेरने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि ग्रामीण रोजगार, बेरोजगारी और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े सवालों पर सरकार की नीतियों को कठघरे में खड़ा किया जा सकता है। इसी क्रम में राहुल गांधी की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

बताया जा रहा है कि कांग्रेस संसद के भीतर और बाहर दोनों स्तरों पर आक्रामक रुख अपनाने की योजना बना रही है। मनरेगा को लेकर पार्टी का आरोप है कि इसके बजट में कटौती और भुगतान में देरी से ग्रामीण इलाकों में रोजगार संकट गहराया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार विकास और रोजगार के दावों के बावजूद जमीनी हकीकत से आंखें मूंदे हुए है। इस मुद्दे को बजट सत्र के दौरान प्रमुखता से उठाने की तैयारी की जा रही है।

इस बीच कानून व्यवस्था को लेकर भी कांग्रेस सरकार पर निशाना साधने की रणनीति बना रही है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों के हालात का हवाला देकर केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाएगी। राहुल गांधी द्वारा इन मुद्दों को राजनीतिक और सामाजिक संदर्भ में जोड़कर पेश करने की योजना बताई जा रही है, ताकि विपक्ष की एकजुट आवाज संसद में दिखाई दे।

वहीं दूसरी ओर, सत्तापक्ष का कहना है कि बजट सत्र के दौरान सरकार आर्थिक सुधारों और विकास योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करेगी। प्रशासन का कहना है कि मनरेगा समेत सभी कल्याणकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं और विपक्ष के आरोप तथ्यहीन हैं। सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि कानून व्यवस्था राज्य सरकारों का विषय है और केंद्र अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहा है।

बताया जा रहा है कि बजट सत्र के दौरान विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है। सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या कांग्रेस अपने इन मुद्दों के जरिए सरकार पर दबाव बनाने में सफल होगी या सत्तापक्ष विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक करार देकर खारिज करेगा। फिलहाल, संसद सत्र से पहले दोनों पक्षों की तैयारियों ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है।

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