भारत अमेरिका ट्रेड डील पर कांग्रेस ने सरकार घेरा

Updated on 2026-02-07T16:57:26+05:30

भारत अमेरिका ट्रेड डील पर कांग्रेस ने सरकार घेरा

भारत अमेरिका ट्रेड डील पर कांग्रेस ने सरकार घेरा

भारत और अमेरिका के बीच घोषित अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर देश की सियासत तेज हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने इस डील पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोनों को निशाने पर लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट जारी कर संयुक्त बयान के कई बिंदुओं पर सवाल खड़े किए।

बताया जा रहा है कि जयराम रमेश ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका-भारत संयुक्त वक्तव्य में कई महत्वपूर्ण पहलू अब भी स्पष्ट नहीं हैं। हालांकि जो जानकारियां सार्वजनिक दायरे में आई हैं, वे भारत के हितों को लेकर चिंता पैदा करती हैं। उन्होंने संकेत दिया कि समझौते के प्रभावों का व्यापक मूल्यांकन जरूरी है।

रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस नेता ने विशेष रूप से ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े प्रावधानों पर सवाल उठाए। उनके अनुसार, इस समझौते के बाद भारत रूस से तेल आयात नहीं करेगा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी पक्ष ने यह स्पष्ट किया है कि यदि भारत प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रूस से तेल खरीदता है, तो उस पर 25 प्रतिशत का दंडात्मक शुल्क दोबारा लगाया जा सकता है।

सूत्रों के मुताबिक, जयराम रमेश ने इस संभावित प्रावधान को भारत की ऊर्जा सुरक्षा के दृष्टिकोण से गंभीर बताया। उनका कहना है कि इस तरह की शर्तें भारत की स्वतंत्र विदेश नीति पर दबाव डालने जैसी हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से इस विषय पर स्पष्टता देने की मांग भी उठाई।

इस बीच कांग्रेस की ओर से यह भी कहा गया कि व्यापार समझौते से जुड़े प्रावधानों को सार्वजनिक रूप से विस्तार से रखा जाना चाहिए, ताकि देश के आर्थिक और रणनीतिक हितों पर उसके प्रभाव का आकलन किया जा सके। वहीं दूसरी ओर सरकार की ओर से इस बयान पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

बताया जा रहा है कि अंतरिम व्यापार ढांचे को लेकर राजनीतिक स्तर पर आगे भी बयानबाजी जारी रह सकती है। फिलहाल कांग्रेस ने समझौते के ऊर्जा आयात और शुल्क प्रावधानों को लेकर अपने सवाल सार्वजनिक रूप से दर्ज करा दिए हैं।

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