Crypto Mining Scam: सावधान! ShareHash जैसे ऐप के जाल में न फंसें, क्रिप्टो माइनिंग से उड़ सकता पैसा

Updated on 2025-07-25T10:54:05+05:30

Crypto Mining Scam: सावधान! ShareHash जैसे ऐप के जाल में न फंसें, क्रिप्टो माइनिंग से उड़ सकता पैसा

Crypto Mining Scam: सावधान! ShareHash जैसे ऐप के जाल में न फंसें, क्रिप्टो माइनिंग से उड़ सकता पैसा

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के बेंगलुरु ऑफिस ने एक बड़े ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट फ्रॉड में कार्रवाई की है। ED ने 7.02 करोड़ रुपये की रकम अटैच की है, जो 29 अलग-अलग बैंक खातों में जमा थी। ये खाते फर्जी कंपनियों के नाम पर खोले गए थे और पूरा घोटाला ShareHash नाम के मोबाइल ऐप के ज़रिए किया गया।

कैसे हुआ फ्रॉड:

ShareHash ऐप ने लोगों को क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग के नाम पर मोटा मुनाफा कमाने का झांसा दिया। लोगों ने इस ऐप में इन्वेस्ट किया और शुरुआत में उन्हें थोड़ा पैसा रिटर्न के रूप में मिला जिससे उनका भरोसा बना रहा। यह एक पुराना Ponzi स्कैम था, जिसमें शुरुआत में कुछ रिटर्न देकर बाद में पूरा पैसा डुबो दिया जाता है। जैसे ही ज्यादा लोग जुड़ गए और करोड़ों रुपये जमा हो गए, ऐप अचानक गूगल प्ले स्टोर से हटा दिया गया और कंपनी ने कोई जवाब नहीं दिया।

फर्जी कंपनियों के नाम पर चला खेल:

ED की जांच में सामने आया कि यह घोटाला कई फर्जी कंपनियों के जरिए चलाया गया। इनमें Cotata Technology Pvt. Ltd, Siraleen Tech Solutions Pvt. Ltd, Crampington Technology Pvt. Ltd, Nileen Infotech Pvt. Ltd और Moltres Exim Pvt. Ltd शामिल हैं। ये कंपनियां कोरोना काल में बेरोजगार युवाओं के नाम पर फर्जी KYC से रजिस्टर की गई थीं। इनके पते भी या तो गलत थे या बंद मिलें।

पैसे का ट्रैक छुपाने की कोशिश:

जांच में ये भी पता चला कि इन कंपनियों के खातों में आए पैसे को पेमेंट गेटवे के जरिए दूसरी फर्जी कंपनियों में भेजा गया। वहां से ये रकम या तो कैश में निकाल ली गई या सोना खरीदने में इस्तेमाल की गई। इस पूरे स्कैम में 40 से ज्यादा बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया ताकि पैसे के ट्रांजैक्शन को ट्रैक करना मुश्किल हो।

ED की जांच जारी:

ज्यादातर कंपनियों के मालिकों और डायरेक्टर्स ने ED के समन का जवाब नहीं दिया या फिर किसी भी तरह के संबंध से इंकार कर दिया। ED ने यह जांच बेंगलुरु साइबर क्राइम पुलिस की FIR के आधार पर शुरू की है और फिलहाल पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है।