तूफान का कहर आंध्र तट से आगे बढ़ा चक्रवात ‘मोंथा’ कई राज्यों में अलर्ट

Updated on 2025-10-29T17:58:24+05:30

तूफान का कहर आंध्र तट से आगे बढ़ा चक्रवात ‘मोंथा’ कई राज्यों में अलर्ट

तूफान का कहर आंध्र तट से आगे बढ़ा चक्रवात ‘मोंथा’ कई राज्यों में अलर्ट

चक्रवात ‘मोंथा’ ने आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में तबाही मचाने के बाद अब ओडिशा और पश्चिम बंगाल की ओर रुख कर लिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यह तूफान फिलहाल उत्तर-पूर्व दिशा में तेजी से बढ़ रहा है और अगले 24 घंटों में इसका असर कई राज्यों में देखने को मिल सकता है।

सोमवार देर रात आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों—विशाखापट्टनम, काकीनाडा और श्रीकाकुलम, में तेज हवाओं और भारी बारिश के साथ मोंथा ने दस्तक दी। कई इलाकों में पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए, जबकि समुद्र किनारे बसे गांवों में पानी घुसने की खबरें हैं। प्रशासन ने एहतियातन सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।

IMD ने चेतावनी दी है कि चक्रवात के प्रभाव से ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है। कोलकाता, भुवनेश्वर और पुरी में अगले दो दिनों तक तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है, जबकि तटीय इलाकों में रेड अलर्ट जारी किया गया है।

केंद्र सरकार और राज्य प्रशासन ने एनडीआरएफ की टीमों को प्रभावित जिलों में तैनात कर दिया है। राहत और बचाव कार्यों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कहा है कि लोगों को किसी भी हालत में असुरक्षित इलाकों में न रहने दिया जाए।

विशेषज्ञों के अनुसार, मोंथा की रफ्तार धीरे-धीरे कम हो रही है, लेकिन इसके असर से भारी वर्षा और बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। फिलहाल मौसम विभाग लगातार तूफान की दिशा और ताकत पर नजर रखे हुए है।

तूफान मोंथा ने एक बार फिर याद दिला दिया है कि प्रकृति का प्रकोप कब और कैसे कहर बन जाए, कहा नहीं जा सकता। तटीय राज्यों में अब भी एहतियात और सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा मानी जा रही है।