Daadi Ki Shaadi Review: कपिल-नीतू की फिल्म बनी मॉडर्न ‘बागबान’, फैमिली ड्रामा वायरल!

Updated on 2026-05-08T13:52:31+05:30

Daadi Ki Shaadi Review: कपिल-नीतू की फिल्म बनी मॉडर्न ‘बागबान’, फैमिली ड्रामा वायरल!

Daadi Ki Shaadi Review: कपिल-नीतू की फिल्म बनी मॉडर्न ‘बागबान’, फैमिली ड्रामा वायरल!

कपिल शर्मा और नीतू कपूर की फिल्म ‘दादी की शादी’ इस साल की सबसे बड़ी सरप्राइज फैमिली एंटरटेनर बनकर सामने आई है. खराब ट्रेलर की वजह से जिस फिल्म से ज्यादा उम्मीद नहीं थी, वही अब दर्शकों का दिल जीत रही है. ट्रेलर देखकर लगा था कि फिल्म में कुछ नया नहीं होगा और पूरी कहानी पहले ही दिखा दी गई है, लेकिन थिएटर में जाकर पता चलता है कि असली मजा तो फिल्म में छिपा है. इमोशन, कॉमेडी और फैमिली वैल्यूज से भरपूर ये फिल्म कहीं-कहीं अमिताभ बच्चन की ‘बागबान’ की याद दिलाती है और रिश्तों की अहमियत समझाने का काम करती है.

कहानी एक ऐसे परिवार की है, जहां कपिल शर्मा यानी टोनी कालरा की शादी तय होती है. टोनी जिस लड़की को कॉलेज के दिनों से पसंद करता है, उसी से रिश्ता तय होने के बाद वह बेहद खुश हो जाता है. लेकिन एंगेजमेंट के दौरान पता चलता है कि लड़की की दादी, जो शिमला में अकेले रहती हैं, वो खुद शादी करने जा रही हैं. बस यहीं से कहानी बड़ा मोड़ लेती है और पूरा परिवार हैरान रह जाता है. इसके बाद फिल्म रिश्तों, अकेलेपन, परिवार की जिम्मेदारियों और बदलती सोच पर दिल छू लेने वाला संदेश देती है.

फिल्म का फर्स्ट हाफ बेहद मजेदार और एंटरटेनिंग है. कपिल शर्मा अपनी शानदार कॉमिक टाइमिंग से खूब हंसाते हैं, लेकिन इस बार वो सिर्फ जोक्स मारते नजर नहीं आते, बल्कि एक मैच्योर अभिनेता के रूप में उभरते हैं. सेकेंड हाफ इमोशनल हो जाता है और कई जगह आंखें नम भी कर देता है. हालांकि फिल्म थोड़ी लंबी महसूस होती है, लेकिन इसकी कहानी और संदेश आपको आखिर तक बांधे रखते हैं.

यह फिल्म सिर्फ मनोरंजन नहीं करती, बल्कि यह सोचने पर मजबूर करती है कि आज की भागदौड़ वाली जिंदगी में हम अपने माता-पिता और दादा-दादी के लिए कितना समय निकालते हैं. फिल्म बहुत ही हल्के और खूबसूरत अंदाज में फैमिली कनेक्शन की अहमियत समझाती है.

एक्टिंग की बात करें तो कपिल शर्मा ने खुद को एक कंप्लीट हीरो साबित किया है. उनका लुक, स्टाइल और स्क्रीन प्रेजेंस काफी इम्प्रेस करता है. नीतू कपूर हमेशा की तरह शानदार लगी हैं और उन्होंने अपने किरदार में जान डाल दी है. सादिया खतीब ने भी बेहतरीन काम किया है, जबकि रिद्धिमा कपूर ने अपने डेब्यू में अच्छा प्रभाव छोड़ा है. योगराज सिंह और दीपक दत्ता भी अपने किरदारों में अलग असर छोड़ते हैं.

फिल्म का निर्देशन आशीष आर मोहन ने किया है और उन्होंने रिश्तों की गर्माहट को खूबसूरती से पर्दे पर उतारा है. हालांकि फिल्म का म्यूजिक इसकी सबसे कमजोर कड़ी है और कई गाने कहानी की रफ्तार धीमी करते हैं.

कुल मिलाकर ‘दादी की शादी’ ऐसी फिल्म है जिसे पूरी फैमिली के साथ जरूर देखा जाना चाहिए. ये फिल्म आपको हंसाएगी, भावुक करेगी और थिएटर से बाहर निकलते वक्त रिश्तों की अहमियत का एहसास भी दिलाएगी.

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