दार्जिलिंग की आदिवासी युवती रोनिता लामा को उसके ही घर में किया गया अपमानित, बोली और पहचान बनी निशाना

Updated on 2025-08-07T14:27:59+05:30

दार्जिलिंग की आदिवासी युवती रोनिता लामा को उसके ही घर में किया गया अपमानित, बोली और पहचान बनी निशाना

दार्जिलिंग की आदिवासी युवती रोनिता लामा को उसके ही घर में किया गया अपमानित, बोली और पहचान बनी निशाना

दार्जिलिंग की रहने वाली आदिवासी युवती रोनिता लामा को उसके किराए के फ्लैट में ही जातीय अपमान और धमकियों का सामना करना पड़ा। सिर्फ इसलिए कि वह एक आदिवासी पृष्ठभूमि से आती है और उसकी भाषा अलग है।

घटना के अनुसार, उसी बिल्डिंग में रहने वाली दो महिलाओं ने रोनिता और उसके दोस्तों को बिना किसी वजह के “नीची जाति” कहकर गालियां दीं, उन्हें गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने का झूठा आरोप लगाया और शारीरिक हिंसा की धमकी भी दी। यह सब उस आधार पर किया गया कि वे एक अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं।

यह सिर्फ तानों या झगड़े की बात नहीं है — यह सीधा-सीधा भेदभाव है। और यह कानूनन अपराध भी है।

इस घटना ने फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि हमारे समाज में आज भी जातीय पहचान और भाषा के आधार पर कितना भेदभाव मौजूद है। आदिवासी और अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ इस तरह की घटनाएं न केवल पीड़ादायक हैं, बल्कि यह हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी सवाल उठाती हैं।

अब लोगों की मांग है कि प्रशासन इस मामले में सख्त कार्रवाई करे और रोनिता को न्याय मिले। क्योंकि हर किसी को सम्मान के साथ जीने का हक है — बिना किसी डर या भेदभाव के।