Dehydration Risks: प्यास लगे तब ही पानी? किडनी पर पड़ सकता खतरनाक असर

Updated on 2026-04-09T17:49:01+05:30

Dehydration Risks: प्यास लगे तब ही पानी? किडनी पर पड़ सकता खतरनाक असर

Dehydration Risks: प्यास लगे तब ही पानी? किडनी पर पड़ सकता खतरनाक असर

What Happens If You Don’t Drink Enough Water: प्यास लगी तभी पानी पीना… सुनने में भले ही आम आदत लगे, लेकिन एक्सपर्ट्स इसे किडनी के लिए खतरनाक मान रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, यह छोटी सी लापरवाही धीरे-धीरे बड़ी बीमारी का कारण बन सकती है। शरीर में पानी की कमी सिर्फ थकान नहीं बढ़ाती, बल्कि किडनी पर सीधा दबाव डालती है, जिससे कई गंभीर समस्याएं जन्म ले सकती हैं।

हममें से ज्यादातर लोग पानी पीने को गंभीरता से नहीं लेते। जब प्यास लगती है, तब पानी पी लेते हैं और नहीं लगती तो नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि जब तक आपको प्यास लगती है, तब तक शरीर हल्का डिहाइड्रेट हो चुका होता है। ऐसे में किडनी को खून साफ करने, टॉक्सिन बाहर निकालने और शरीर में तरल संतुलन बनाए रखने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। यही कारण है कि लंबे समय तक यह आदत किडनी स्टोन, यूरिन इंफेक्शन और क्रॉनिक किडनी डिजीज जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा सकती है।

पानी को लेकर ये गलतफहमियां बन रहीं खतरा

लोग अक्सर सोचते हैं कि चाय, कॉफी या जूस पीना ही पर्याप्त है, लेकिन एक्सपर्ट्स इसे बड़ी गलती बताते हैं। कैफीन और शुगर वाले ड्रिंक्स शरीर से पानी को तेजी से बाहर निकालते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन और बढ़ सकता है। दूसरी बड़ी गलतफहमी यह है कि ज्यादा पानी पीना हमेशा अच्छा होता है। जबकि बहुत कम समय में जरूरत से ज्यादा पानी पीना भी खतरनाक हो सकता है। इससे शरीर में सोडियम का स्तर गिर जाता है, जिसे हाइपोनेट्रेमिया कहा जाता है और यह स्थिति जानलेवा तक हो सकती है।

डॉक्टरों की चेतावनी ने बढ़ाई चिंता

यूरोलॉजिस्ट डॉ. अजय अग्रवाल के अनुसार, किडनी को संतुलित मात्रा में पानी की जरूरत होती है। न कम, न ज्यादा। अगर आप लगातार कम पानी पीते हैं, तो पेशाब गाढ़ा हो जाता है, जिससे पथरी और इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। वहीं ज्यादा पानी पीने से खासकर डायबिटीज और हार्ट मरीजों में शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

कितना पानी पीना है सही?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि “दिन में 8 गिलास पानी” वाला नियम हर किसी पर लागू नहीं होता। आमतौर पर महिलाओं को करीब 2.2 लीटर और पुरुषों को लगभग 3 लीटर तरल की जरूरत होती है, लेकिन यह मौसम, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है।

पानी की सही मात्रा जानने का सबसे आसान तरीका है पेशाब का रंग।

हल्का पीला रंग: शरीर सही हाइड्रेट है

गहरा पीला: पानी की कमी का संकेत

बिल्कुल साफ: जरूरत से ज्यादा पानी

क्या करें ताकि किडनी रहे सुरक्षित?

डॉक्टरों की सलाह है कि प्यास का इंतजार करने के बजाय दिनभर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें। खासकर गर्मी, एक्सरसाइज या ज्यादा पसीना आने की स्थिति में पानी की मात्रा बढ़ाना जरूरी है।

कुल मिलाकर, पानी पीने की सही आदत ही किडनी को स्वस्थ रख सकती है। अगर आप अब तक प्यास लगने का इंतजार करते थे, तो यह आदत बदलने का समय आ गया है, क्योंकि आपकी किडनी हर दिन आपकी इस छोटी गलती की कीमत चुका रही है।

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