Delhi Dehradun Expressway: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे आज शुरू, ढाई घंटे में सफर

Updated on 2026-04-14T13:53:21+05:30

Delhi Dehradun Expressway: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे आज शुरू, ढाई घंटे में सफर

Delhi Dehradun Expressway: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे आज शुरू, ढाई घंटे में सफर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (मंगलवार) देश को बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर सौगात देने जा रहे हैं। वे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे, जिससे राजधानी दिल्ली से देहरादून का सफर अब महज ढाई घंटे में पूरा हो सकेगा। इससे पहले प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में वन्यजीव गलियारे का निरीक्षण करेंगे और देहरादून पहुंचकर जय मां दात काली मंदिर में पूजा-अर्चना भी करेंगे।

करीब 213 किलोमीटर लंबे इस छह लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड आर्थिक कॉरिडोर को 12,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार किया गया है। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ता है और हाई-स्पीड कनेक्टिविटी का नया विकल्प बनकर उभरेगा।

6 घंटे का सफर अब सिर्फ ढाई घंटे में

इस परियोजना के शुरू होने से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा का समय छह घंटे से घटकर लगभग 2.5 घंटे रह जाएगा। एक्सप्रेसवे पर 10 इंटरचेंज, 3 रेलवे ओवरब्रिज, 4 बड़े पुल और 12 वेसाइड सुविधाएं बनाई गई हैं, जो सफर को और सुविधाजनक बनाएंगी।

स्मार्ट और सुरक्षित सफर का दावा

यात्रियों की सुरक्षा और ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए इस कॉरिडोर पर एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) लगाया गया है। इससे हाईवे पर ट्रैफिक को बेहतर तरीके से कंट्रोल किया जा सकेगा और यात्रा ज्यादा सुरक्षित होगी।

वन्यजीव संरक्षण का भी खास ध्यान

इस एक्सप्रेसवे की खास बात यह है कि इसे पर्यावरण और वन्यजीवों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। परियोजना में 12 किलोमीटर लंबा वन्यजीव गलियारा बनाया गया है, जो एशिया के सबसे लंबे गलियारों में से एक माना जा रहा है। इसके अलावा जानवरों के लिए 8 सुरक्षित रास्ते, हाथियों के लिए 200 मीटर लंबे अंडरपास और दात काली मंदिर के पास 370 मीटर लंबी सुरंग भी बनाई गई है।

पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा

इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से न सिर्फ यात्रा आसान होगी, बल्कि पर्यटन और व्यापार को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। दिल्ली और उत्तराखंड के बीच बेहतर कनेक्टिविटी से क्षेत्रीय विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

पीएमओ के मुताबिक, यह परियोजना आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ पर्यावरण संतुलन और नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है, जो देश के विकास में अहम भूमिका निभाएगी।