झील किनारे खुदाई के दौरान ग्रामीणों ने खोजा, वैज्ञानिकों ने की पुष्टि।

Updated on 2025-08-26T15:10:17+05:30

झील किनारे खुदाई के दौरान ग्रामीणों ने खोजा, वैज्ञानिकों ने की पुष्टि।

झील किनारे खुदाई के दौरान ग्रामीणों ने खोजा, वैज्ञानिकों ने की पुष्टि।

राजस्थान के जैसलमेर जिले के मेघा गांव में मिला जीवाश्म वैज्ञानिकों के लिए बड़ी खोज साबित हुआ है। लगभग दो मीटर लंबा यह अवशेष फाइटोसॉर नामक प्रागैतिहासिक सरीसृप का है, जो पहली बार भारत में संरक्षित रूप में मिला है।

यह जीवाश्म ग्रामीणों को झील के पास खुदाई करते समय मिला और बाद में भूवैज्ञानिकों ने इसकी पुष्टि की। विशेषज्ञों के अनुसार यह जीव लगभग 200 मिलियन साल पुराना है और आकार में मगरमच्छ जैसा दिखता था। इसके पास एक अंडे का जीवाश्म भी मिला है, जो संभवतः इसी सरीसृप का हो सकता है।

वैज्ञानिकों का मानना है कि यह फाइटोसॉर नदी किनारे रहता था और मछलियों को खाकर जीवित रहता था। जैसलमेर क्षेत्र को जुरासिक युग की लाठी फॉर्मेशन का हिस्सा माना जाता है, जहां कभी डायनासोर भी बसे थे।

इस खोज से यह भी संकेत मिलता है कि थार मरुस्थल कभी समृद्ध जलीय जीवन का केंद्र रहा होगा। शोधकर्ताओं के मुताबिक, यह खोज भारतीय जीवाश्म इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ती है।