Donald Trump के टैरिफ फैसले से Indian market में हलचल, दोस्ती के बावजूद बड़ा झटका

Updated on 2025-04-08T11:38:07+05:30

Donald Trump के टैरिफ फैसले से Indian market में हलचल, दोस्ती के बावजूद बड़ा झटका

Donald Trump के टैरिफ फैसले से Indian market में हलचल, दोस्ती के बावजूद बड़ा झटका

अमेरिका के नए टैरिफ और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई। सेंसेक्स और निफ्टी में 4% से ज्यादा की गिरावट से निवेशकों में हड़कंप मच गया। जानिए क्या हैं इसके पीछे के कारण और आगे क्या है निवेशकों के लिए संकेत।

बाजार में भारी गिरावट: सेंसेक्स-निफ्टी 4% से ज्यादा टूटा

सोमवार, 7 अप्रैल 2025 को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों को करीब 21 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। बीएसई सेंसेक्स 3,235 अंक गिरकर 72,129.44 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 1,026 अंक लुढ़ककर 21,878.15 पर आ गया।

गिरावट के प्रमुख कारण:

1. अमेरिकी टैरिफ की घोषणा:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नए टैरिफ की घोषणा से वैश्विक बाजारों में हड़कंप मच गया। इससे विदेशी निवेशकों का भरोसा डगमगाया और उन्होंने भारतीय बाजार में जमकर बिकवाली की।

2. विदेशी निवेशकों की बिकवाली:
FII (विदेशी संस्थागत निवेशकों) ने सोमवार को भारतीय बाजार से $1.05 बिलियन मूल्य के शेयर बेचे, जिससे गिरावट और तेज हो गई।

3. रुपये की कमजोरी:
भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरकर लगभग तीन महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया, जिससे बाजार में और घबराहट फैली।

4. बढ़ती अस्थिरता:
इंडिया VIX में 66% की बढ़ोतरी देखी गई, जो बाजार में भय का संकेत देता है। यह एक साल में सबसे तेज उछाल में से एक था।

किन सेक्टर्स को लगा सबसे बड़ा झटका?

आईटी सेक्टर

बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयर

ऑटो सेक्टर

इन क्षेत्रों में निवेशकों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा।

क्या है आगे की राह?

हालांकि मंगलवार को कुछ रिकवरी की उम्मीद जताई जा रही है। GIFT निफ्टी फ्यूचर्स में 2.3% की तेजी दर्ज की गई है, जिससे संकेत मिल रहा है कि बाजार थोड़ा संभल सकता है। साथ ही भारतीय रिज़र्व बैंक की आगामी मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों में संभावित कटौती बाजार को राहत दे सकती है।

विशेषज्ञों की सलाह:
निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने की सलाह दी गई है। दीर्घकालिक निवेशकों के लिए यह गिरावट एक अवसर भी हो सकती है, लेकिन शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग से बचने की जरूरत है।