सरकार के नए फैसले से खाने का तेल होगा सस्ता, आम जनता को मिलेगी बड़ी राहत

Updated on 2025-05-31T16:19:08+05:30

सरकार के नए फैसले से खाने का तेल होगा सस्ता, आम जनता को मिलेगी बड़ी राहत

सरकार के नए फैसले से खाने का तेल होगा सस्ता, आम जनता को मिलेगी बड़ी राहत

Edible Oil Prices: सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है जिससे आम लोगों को राहत मिलेगी। अब क्रूड पाम ऑयल, सोयाबीन ऑयल और सनफ्लावर ऑयल पर लगने वाली बेसिक कस्टम ड्यूटी 20% से घटाकर 10% कर दी गई है। यह फैसला 31 मई से लागू होगा। इसका मकसद खाने के तेल की कीमतें कम करना और देश में तेल की प्रोसेसिंग को बढ़ावा देना है। इससे खुदरा महंगाई में भी कमी आने की उम्मीद है और भारतीय वेजिटेबल ऑयल रिफाइनिंग इंडस्ट्री को फायदा होगा।

इम्पोर्ट ड्यूटी में भी कटौती

वित्त मंत्रालय ने बताया कि इन तेलों की कुल इम्पोर्ट ड्यूटी (जिसमें सरचार्ज और सेस भी शामिल है) अब 27.5% से घटाकर 16.5% कर दी गई है। हालांकि रिफाइंड ऑयल पर कोई बदलाव नहीं हुआ है, उस पर ड्यूटी अभी भी 32.5% (कुल मिलाकर 35.75%) बनी रहेगी।

भारत कहां से लाता है तेल?

भारत अपनी 50% खाने के तेल की जरूरत आयात से पूरी करता है। पाम ऑयल मलेशिया और इंडोनेशिया से आता है, जबकि सोयाबीन ऑयल ब्राजील और अर्जेंटीना से। साल 2023-24 में भारत ने करीब 1.32 लाख करोड़ रुपये का 159.6 लाख टन तेल आयात किया।

विशेषज्ञों की राय

SEA के प्रेसिडेंट संजीव अस्थाना ने कहा कि कच्चे और रिफाइंड तेलों के बीच टैक्स का अंतर अब 8.25% से बढ़कर 19.25% हो गया है। इससे रिफाइंड पामोलीन का आयात कम होगा और देश में कच्चे तेल की प्रोसेसिंग बढ़ेगी, जिससे घरेलू इंडस्ट्री को ताकत मिलेगी।