गरीब बच्चों की पढ़ाई होगी आसान, सरकार देगी ₹12 हजार सालाना
गरीब बच्चों की पढ़ाई होगी आसान, सरकार देगी ₹12 हजार सालाना
देश में आज भी लाखों ऐसे छात्र हैं जो पढ़ाई में प्रतिभाशाली होने के बावजूद आर्थिक तंगी के कारण अपनी शिक्षा बीच में छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं। खासकर ग्रामीण और छोटे शहरों के परिवारों में आठवीं के बाद बच्चों की पढ़ाई जारी रखना चुनौती बन जाता है। ऐसे ही मेधावी और जरूरतमंद छात्रों के लिए केंद्र सरकार की नेशनल मीन्स कम मेरिट स्कॉलरशिप स्कीम (NMMSS) बड़ी मदद साबित हो रही है।
इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन पढ़ाई में होनहार छात्रों को स्कूल छोड़ने से रोकना और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है। सरकार चयनित छात्रों को हर साल आर्थिक सहायता प्रदान करती है ताकि उनकी पढ़ाई बिना किसी रुकावट के जारी रह सके।
हर साल मिलते हैं ₹12,000
NMMSS योजना के तहत चयनित छात्रों को ₹12,000 सालाना स्कॉलरशिप दी जाती है। यानी छात्रों के खाते में हर महीने ₹1,000 की राशि भेजी जाती है। यह सहायता कक्षा 9वीं से लेकर 12वीं तक मिलती है। इस तरह एक छात्र को चार वर्षों में कुल ₹48,000 तक की आर्थिक मदद मिल सकती है।
किन छात्रों को मिलता है लाभ?
इस योजना का लाभ केवल सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और स्थानीय निकाय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को मिलता है। वहीं जवाहर नवोदय विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय और निजी आवासीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र इसके लिए पात्र नहीं होते।
कितने अंक होना जरूरी?
स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करने वाले छात्र को कक्षा 7वीं में कम से कम 55 प्रतिशत अंक प्राप्त होने चाहिए। अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के छात्रों को 5 प्रतिशत की छूट दी गई है। यानी इन वर्गों के छात्र 50 प्रतिशत अंकों के साथ भी आवेदन कर सकते हैं।
आय सीमा क्या है?
योजना का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलता है जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है। इसके लिए छात्र के माता-पिता की वार्षिक आय 3.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। आवेदन के दौरान आय प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य होता है।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
- कक्षा 7वीं की मार्कशीट
- आय प्रमाण पत्र
- आधार कार्ड
- बैंक खाते की जानकारी
- स्कूल प्रमाण पत्र
- पासपोर्ट साइज फोटो
कैसे होता है चयन?
NMMSS स्कॉलरशिप के लिए छात्रों को एक विशेष परीक्षा पास करनी होती है। यह परीक्षा राज्य स्तर पर आयोजित की जाती है और आमतौर पर नवंबर महीने में होती है। परीक्षा में मानसिक क्षमता और शैक्षणिक योग्यता से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं। बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों का चयन स्कॉलरशिप के लिए किया जाता है।
क्यों है यह योजना खास?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को पढ़ाई जारी रखने में बड़ी मदद देती है। इससे स्कूल छोड़ने की दर कम होती है और प्रतिभाशाली छात्रों को अपने सपनों को पूरा करने का मौका मिलता है। अगर आपके घर में भी कोई छात्र इस पात्रता को पूरा करता है, तो वह इस योजना का लाभ उठाकर अपनी शिक्षा को नई उड़ान दे सकता है।
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