वायरल फीवर बिना दवा के खत्म करें, 6 आयुर्वेदिक टिप्स
वायरल फीवर बिना दवा के खत्म करें, 6 आयुर्वेदिक टिप्स
आजकल मौसम बदलने के कारण वायरल बुखार तेजी से फैल रहा है। बच्चे और बड़े दोनों ही इसकी चपेट में आ रहे हैं। ज्यादातर घरों में कोई न कोई सर्दी, जुकाम, खांसी या बुखार से परेशान है। वायरल फीवर आमतौर पर 7 दिनों तक रहता है और इसके साथ शरीर में दर्द, थकान, भूख में कमी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। आमतौर पर लोग बुखार कम करने वाली दवा और एंटीबायोटिक लेते हैं, जिससे अस्थायी आराम मिलता है। लेकिन कभी-कभी दवा लेने के बाद भी बुखार लौट सकता है, ऐसे में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
वायरल फीवर क्या है?
वायरल फीवर एक आम बीमारी है और किसी भी उम्र में हो सकती है। यह मौसम बदलने और कमजोर इम्यूनिटी के कारण होता है। वायरस से होने वाला बुखार हल्का या कभी-कभी गंभीर भी हो सकता है। अगर बुखार 7 दिनों से ज्यादा चलता है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
वायरल फीवर के कारण:
मौसम बदलने पर बैक्टीरिया और वायरस पनपने लगते हैं। मानसून में बारिश और धूप दोनों के कारण पानी इकट्ठा हो जाता है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। संक्रमित व्यक्ति, दूषित भोजन या पानी, और कीड़ों के काटने से भी वायरल फीवर हो सकता है।
लक्षण:
- शरीर में दर्द
- भूख में कमी
- सिर दर्द
- जी मिचलाना, उल्टी
- गाढ़ा या रंग बदलता पेशाब
- ठंड लगना
- कब्ज
बचाव के उपाय:
- हाथ साफ रखें, खासकर खाने से पहले
- पौष्टिक भोजन लें, विटामिन C ज्यादा लें
- मच्छरों से बचाव करें और घर साफ रखें
आयुर्वेदिक इलाज:
- हैवी भोजन से बचें
- भूख न लगे तो जबरदस्ती न खाएं
- फलों और दूध का सेवन कम करें
- हल्का सूप पिएं
- सौंठ (सूखी अदरक) का पानी पिएं
बुखार के बाद क्या करें:
- शरीर को हाइड्रेटेड रखें, पानी और नारियल पानी पिएं
- रोजाना दो केले खाएं, पोटैशियम की कमी पूरी होती है
- हरी सब्जियां और ड्राई फ्रूट्स खाएं, ताकत और एनर्जी बढ़ती है
नोट: यह जानकारी सामान्य सलाह के लिए है। किसी भी दवा या इलाज के लिए हमेशा डॉक्टर से संपर्क करें।