Ethiopia Volcano Ash Effect: ज्वालामुखी की राख भारत में पहुंची, जानें प्रदूषण का खतरा
Ethiopia Volcano Ash Effect: ज्वालामुखी की राख भारत में पहुंची, जानें प्रदूषण का खतरा
भारतीय मौसम एजेंसी इंडियामेटस्काई ने बताया है कि इंडोनेशिया के एक सक्रिय ज्वालामुखी से निकला राख वाला बादल (ऐश प्लम) ओमान–अरब सागर से होते हुए उत्तर और मध्य भारत की तरफ बढ़ रहा है। इस बादल में सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) गैस ज्यादा है और राख कम मात्रा में है।
एयर क्वालिटी पर असर नहीं
इंडियामेटस्काई के मुताबिक, यह बादल हवा के मध्य स्तर पर है और जमीन तक नहीं पहुंचेगा। इसलिए भारत के ज्यादातर इलाकों में एयर क्वालिटी में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा।
हालांकि, नेपाल की पहाड़ियों, हिमालयी इलाकों और यूपी के तराई क्षेत्रों (गोरखपुर, बहराइच, लखीमपुर खीरी आदि) में SO₂ का स्तर थोड़ा बढ़ सकता है, क्योंकि बादल का कुछ हिस्सा हिमालय से टकराकर नीचे आ सकता है। इसके बाद यह बादल चीन की दिशा में आगे बढ़ जाएगा।
भारत में कहां गिरेगी राख?
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और यूपी के बड़े हिस्सों में राख गिरने की संभावना बहुत कम है।
कहीं-कहीं हल्के कण गिर सकते हैं, लेकिन मात्रा बेहद कम होगी।
हवाई उड़ानों पर थोड़ा असर पड़ सकता है—कुछ फ्लाइट्स में देरी या रूट बदलने जैसी स्थिति बन सकती है।
स्वास्थ्य पर असर?
यह बादल ऊंचाई पर है, इसलिए दिल्ली–एनसीआर जैसे मैदानी इलाकों में सांस, आंख या त्वचा पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।
तराई और पहाड़ी क्षेत्रों में अस्थमा या सांस से जुड़ी समस्याओं वाले लोग थोड़ा सावधान रहें।
कितने दिन रहेगा?
इंडियामेटस्काई ने बताया कि यह स्थिति कुछ दिनों तक चल सकती है, लेकिन यह किसी बड़े प्रदूषण संकट जैसी नहीं है।