मछली या सोना ? टोक्यो नीलामी में 29 करोड़ में बिकी टूना
मछली या सोना ? टोक्यो नीलामी में 29 करोड़ में बिकी टूना
जापान से आई एक खबर ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। नए साल 2026 की शुरुआत में टोक्यो के मशहूर Toyosu Fish Market में हुई पहली मछली नीलामी में एक ब्लूफिन टूना इतनी महंगी बिकी कि लोग उसे “मछली" कम और "सोना " ज्यादा कहने लगे। इस ब्लूफिन टूना की कीमत करीब 29 करोड़ रुपये (लगभग 3.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर) आंकी गई है, जो अब तक की सबसे ऊंची नीलामी कीमतों में से एक है।
टोयोसू फिश मार्केट में हर साल नए साल की पहली नीलामी खास मानी जाती है। इसे जापान में शुभ संकेत और प्रतिष्ठा से
जोड़ा जाता है। बड़ी रेस्तरां चेन और मशहूर सुशी ब्रांड इस नीलामी में हिस्सा लेते हैं, क्योंकि यहां जीती गई मछली सिर्फ कारोबार नहीं, बल्कि ब्रांड वैल्यू और प्रतिष्ठा का प्रतीक होती है। इस बार नीलामी का केंद्र बनी विशाल ब्लूफिन टूना (Bluefin Tuna), जिसका वजन और गुणवत्ता असाधारण बताई जा रही है।
जानकारों के मुताबिक, ब्लूफिन टूना जापानी सुशी और साशिमी का सबसे कीमती घटक मानी जाती है। इसकी मांग दुनिया भर में बहुत अधिक है, जबकि अत्यधिक शिकार के कारण इसकी संख्या सीमित होती जा रही है। यही वजह है कि इसकी कीमत आसमान छूती है। खासकर नए साल की पहली नीलामी में खरीदी गई टूना को रेस्तरां अपने ग्राहकों के लिए "स्पेशल डिश " के तौर पर पेश करते हैं।
इस नीलामी में लगी रिकॉर्ड बोली ने न सिर्फ जापान, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुर्खियां बटोरी हैं। सोशल मीडिया पर लोग हैरानी जताते हुए लिख रहे हैं कि इतनी कीमत में भारत जैसे देश में कई आलीशान बंगले खरीदे जा सकते हैं। कुछ यूजर्स ने इसे जापान की परंपरा और फूड कल्चर से जोड़ा, जबकि कुछ ने इसे दिखावे और ब्रांडिंग का खेल बताया।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कीमत सिर्फ मछली की गुणवत्ता की वजह से नहीं होती, बल्कि इसके पीछे मार्केटिंग, प्रतिष्ठा और परंपरा का बड़ा हाथ होता है। जो खरीदार इस नीलामी में सबसे ऊंची बोली लगाता है, उसे दुनियाभर में पहचान मिलती है।
कुल मिलाकर, टोयोसू फिश मार्केट की इस नीलामी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जापान में खाना सिर्फ पेट भरने का जरिया नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा और प्रतिष्ठा का हिस्सा है। 29 करोड़ रुपये में बिकी यह ब्लूफिन टूना अब इतिहास का हिस्सा बन चुकी है और आने वाले वर्षों तक इसकी चर्चा होती रहेगी।