कैबिनेट में नंबरों का खेल जैसे किसी और ही ताकत का इशारा देता हो

Updated on 2025-11-20T17:03:06+05:30

कैबिनेट में नंबरों का खेल जैसे किसी और ही ताकत का इशारा देता हो

कैबिनेट में नंबरों का खेल जैसे किसी और ही ताकत का इशारा देता हो

बिहार में नीतीश कुमार के 10वें शपथ-ग्रहण के साथ नई कैबिनेट की पूरी लिस्ट सामने आई तो एक दिलचस्प समीकरण उभरकर आया, कुछ दलों के पास सीटें कम थीं, फिर भी उन्हें मिले मंत्री पद कहीं ज़्यादा दिखे। यह संतुलन सिर्फ राजनीतिक साझेदारी नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे चल रही खींचतान और ताकत-परीक्षण की ओर इशारा करता है।

एनडीए गठबंधन में जेडीयू और बीजेपी दोनों की हिस्सेदारी दिखती है, लेकिन छोटे सहयोगियों को मिला अनुपात उनकी असल राजनीतिक हैसियत से कहीं बड़ा दिखाई दिया। यह वही बिंदु है जिसके ज़रिए कई विश्लेषक मान रहे हैं कि नीतीश ने गठबंधन में अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए संख्या की नहीं, बल्कि रणनीति की राजनीति खेली है।

मंत्रियों की सूची में पुराने चेहरों के साथ नए प्रयोग भी किए गए हैं, कुछ नाम ऐसे जिनकी जीत का मार्जिन कम था, और कुछ ऐसे जिन्हें संगठन में ज़्यादा ताकत नहीं मानी जाती थी, मगर अब वे मंत्री पद पाकर अचानक अहम हो गए हैं। यह फेरबदल कहीं न कहीं दर्शाता है कि सत्ता का असली संतुलन सिर्फ विधायकों की संख्या नहीं, बल्कि रिश्तों, ज़रूरतों और रणनीतिक मोहरों से तय हुआ है।