Gold Silver Rate Today 13 May: इंपोर्ट ड्यूटी का असर! सोना-चांदी की कीमतों में बड़ी छलांग

Updated on 2026-05-13T11:52:14+05:30

Gold Silver Rate Today 13 May: इंपोर्ट ड्यूटी का असर! सोना-चांदी की कीमतों में बड़ी छलांग

Gold Silver Rate Today 13 May: इंपोर्ट ड्यूटी का असर! सोना-चांदी की कीमतों में बड़ी छलांग

Gold-Silver Price Today on May 13: केंद्र सरकार के बड़े फैसले के बाद देशभर में सोना और चांदी अचानक बेहद महंगे हो गए हैं. सरकार ने इन कीमती धातुओं पर इंपोर्ट टैरिफ 6 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधे 15 प्रतिशत कर दिया है. इसके बाद बाजार में हड़कंप मच गया और MCX से लेकर रिटेल मार्केट तक कीमतों में रिकॉर्ड तेजी देखने को मिली.

सोना पहुंचा नए रिकॉर्ड स्तर पर

इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने के तुरंत बाद MCX पर सोना 1,62,648 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया. वहीं दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 16,804 रुपये प्रति ग्राम तक दर्ज की गई. मुंबई, कोलकाता, पुणे और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में भी सोने के दाम तेजी से बढ़े.

विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक महंगाई, डॉलर की मजबूती और पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने भी सोने की कीमतों को सपोर्ट दिया है.

चांदी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड

सोने के साथ-साथ चांदी में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला. MCX पर चांदी का जुलाई कॉन्ट्रैक्ट करीब 7 प्रतिशत चढ़कर 2,99,283 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया. चेन्नई में चांदी का भाव 3 लाख रुपये प्रति किलो के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है.

दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में भी चांदी 2,90,100 रुपये प्रति किलो के आसपास कारोबार कर रही है. सिर्फ एक दिन में चांदी करीब 16,675 रुपये प्रति किलो महंगी हो गई.

सरकार ने अचानक क्यों बढ़ाई ड्यूटी?

भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर सोना और चांदी विदेशों से आयात करता है. इसके लिए भारी मात्रा में डॉलर खर्च होते हैं. वहीं पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से देश पर विदेशी मुद्रा का दबाव भी बढ़ गया है.

सरकार अब गैर-जरूरी आयात कम करके डॉलर की निकासी रोकना चाहती है. इसी वजह से सोना-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाई गई है ताकि आयात घटे और चालू खाता घाटा यानी CAD को नियंत्रित किया जा सके.

रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा गोल्ड इंपोर्ट

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का गोल्ड इंपोर्ट 24 प्रतिशत बढ़कर 71.98 अरब डॉलर तक पहुंच गया. इससे देश का ट्रेड डेफिसिट बढ़कर 333.2 अरब डॉलर हो गया. बढ़ते आर्थिक दबाव को देखते हुए सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है.

अब बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोना और चांदी की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.

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