गाजीपुर मुर्गा मंडी पर हाई कोर्ट सख्त, अवमानना की चेतावनी

Updated on 2026-01-30T11:02:28+05:30

गाजीपुर मुर्गा मंडी पर हाई कोर्ट सख्त, अवमानना की चेतावनी

गाजीपुर मुर्गा मंडी पर हाई कोर्ट सख्त, अवमानना की चेतावनी

दिल्ली हाईकोर्ट ने गाजीपुर मुर्गा मंडी में चिकन और अन्य पक्षियों के लगातार हो रहे अवैध कटान को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने इस स्थिति को ‘हॉरिफाइंग’ यानी बेहद डरावना बताते हुए कहा कि पुराने आदेशों का पालन न होने पर अवमानना की कार्रवाई की जाएगी।

चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की पीठ इस मामले में दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रही थी। यह याचिका पशु कल्याण कार्यकर्ता गौरी मौलेखी ने दाखिल की है, जिन्होंने कोर्ट के सामने ताजा तस्वीरें पेश कीं। इन तस्वीरों में कथित तौर पर गाजीपुर मुर्गा मंडी में खुलेआम पक्षियों का कटान होते दिखाया गया है।

2018 के आदेश की अनदेखी

कोर्ट ने याद दिलाया कि 24 सितंबर 2018 को उसने गाजीपुर मुर्गा मंडी में पक्षियों के कटान पर पूरी तरह रोक लगा दी थी। साथ ही नगर निगम और अन्य एजेंसियों को पर्यावरण और प्रदूषण नियमों के तहत एक व्यवस्थित बाजार विकसित करने के निर्देश दिए गए थे।

तस्वीरों से उजागर हुई उल्लंघन की स्थिति

हालिया तस्वीरों को देखने के बाद अदालत ने कहा कि उसके आदेशों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, “कृपया सुनिश्चित करें कि यह सब बंद हो। यह स्थिति डरावनी है।” अदालत ने नगर निगम से पूछा कि क्या 2018 के आदेश का उल्लंघन हो रहा है।

एमसीडी का पक्ष

दिल्ली हाईकोर्ट में एमसीडी की ओर से पेश वकील ने बताया कि नियम तोड़ने वाले कई प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि बिना लाइसेंस या लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन कर स्लॉटरहाउस चलाने वालों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।

सुनवाई के बाद कोर्ट ने एमसीडी और अन्य संबंधित एजेंसियों को दो हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने साफ किया कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं हुआ, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

यह भी पढ़े 

कड़कड़ाती ठंड में याददाश्त खो देता है यह जीव, गर्मी में सब याद