मराठा आरक्षण आंदोलन पर हाईकोर्ट सख्त, मंगलवार तक सड़कें खाली करने का अंतिम मौका
मराठा आरक्षण आंदोलन पर हाईकोर्ट सख्त, मंगलवार तक सड़कें खाली करने का अंतिम मौका
मुंबई में जारी मराठा आरक्षण आंदोलन को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने मनोज जरांगे और उनके समर्थकों को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा है कि मंगलवार तक शहर की सभी सड़कें खाली की जाएं। अदालत ने टिप्पणी की कि आंदोलन की वजह से पूरा मुंबई ठप हो गया है और दक्षिण मुंबई के कई अहम इलाकों को प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया है।
जरांगे पाटिल और मराठा समुदाय के लोग केंद्र की ओबीसी सूची में कुणबी वर्ग के तहत 10% आरक्षण की मांग कर रहे हैं। मंडल कमीशन की रिपोर्ट में मराठों को आरक्षण के लिए शामिल नहीं किया गया था, क्योंकि रिपोर्ट में पाया गया था कि यह समुदाय सामाजिक या शैक्षणिक रूप से पिछड़ा नहीं है। यह निष्कर्ष 1931 की जाति जनगणना पर आधारित था।
बाद की कई समितियों ने भी इस दावे की समीक्षा की और यही निष्कर्ष निकाला कि मराठों को SEBC श्रेणी में शामिल करने का कोई आधार नहीं है, हालांकि उनकी आर्थिक स्थिति में पिछड़ापन मौजूद है। अदालत के सख्त निर्देश के बाद अब नजर इस पर है कि आंदोलनकारी अपने प्रदर्शन का रुख किस तरह बदलते हैं।