डॉक्टर बनने का लाइसेंस कैसे मिलता है, कौन सी परीक्षा होती है

Updated on 2026-01-31T11:08:43+05:30

डॉक्टर बनने का लाइसेंस कैसे मिलता है, कौन सी परीक्षा होती है

डॉक्टर बनने का लाइसेंस कैसे मिलता है, कौन सी परीक्षा होती है

डॉक्टर बनने का सपना लेकर हर साल लाखों छात्र MBBS में दाखिला लेते हैं, लेकिन सिर्फ डिग्री हासिल करना ही काफी नहीं होता. भारत में मेडिकल प्रैक्टिस के लिए लाइसेंस लेना भी अनिवार्य है. 12वीं के बाद मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा से लेकर MBBS, इंटर्नशिप और लाइसेंस तक कई चरण होते हैं. हाल के वर्षों में मेडिकल शिक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव किए गए हैं, जिसके तहत नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) और नेशनल एग्जिट टेस्ट (NExT) भी अनिवार्य कर दिया गया है. आइए जानते हैं कि भारत में रजिस्टर्ड डॉक्टर बनने के लिए किन-किन स्तरों को पार करना होता है.

डॉक्टर बनने का शुरुआती चरण

डॉक्टर बनने के लिए छात्र को 12वीं कक्षा में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी विषयों के साथ उत्तीर्ण होना जरूरी है. नीट परीक्षा में बैठने के लिए न्यूनतम आयु 17 वर्ष तय की गई है.

मेडिकल कॉलेज में प्रवेश का रास्ता

भारत में MBBS कोर्स में दाखिले के लिए NEET-UG पास करना अनिवार्य है. इसी एक परीक्षा के आधार पर सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश मिलता है. नीट स्कोर के अनुसार काउंसलिंग होती है और कॉलेज आवंटित किया जाता है.

MBBS कोर्स और इंटर्नशिप

MBBS की पढ़ाई कुल 5.5 साल की होती है, जिसमें 4.5 साल की थ्योरी और प्रैक्टिकल पढ़ाई तथा 1 साल की अनिवार्य इंटर्नशिप शामिल होती है. इंटर्नशिप के दौरान छात्र अस्पतालों में मरीजों के इलाज का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करते हैं, जिसे डॉक्टर बनने की सबसे अहम ट्रेनिंग माना जाता है.

 डॉक्टर बनने का लाइसेंस (NExT परीक्षा)

अब भारत में मेडिकल प्रैक्टिस के लिए नेशनल एग्जिट टेस्ट (NExT) पास करना अनिवार्य है. यह परीक्षा तीन मुख्य उद्देश्यों को पूरा करती है—

  • MBBS फाइनल परीक्षा
  • मेडिकल प्रैक्टिस का लाइसेंस
  • पोस्ट ग्रेजुएशन (MD/MS) में प्रवेश

 NExT पास करने के बाद ही उम्मीदवार भारत में प्रैक्टिस करने के योग्य माने जाते हैं.

 परमानेंट रजिस्ट्रेशन

NExT और इंटर्नशिप पूरी करने के बाद उम्मीदवार को नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) या राज्य चिकित्सा परिषद में रजिस्ट्रेशन कराना होता है. इसके बाद डॉक्टर को परमानेंट रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है, जो भारत में इलाज करने के लिए आधिकारिक लाइसेंस होता है.

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