नोबेल शांति पुरस्कार में कितनी मिलती है रकम ? जानिए भारतीय कीमत
नोबेल शांति पुरस्कार में कितनी मिलती है रकम ? जानिए भारतीय कीमत
नोबेल शांति पुरस्कार दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित और सम्मानित अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों में गिना जाता है। यह सम्मान उन व्यक्तियों या संस्थाओं को दिया जाता है, जिन्होंने शांति स्थापना, संघर्षों को कम करने या वैश्विक सहयोग बढ़ाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई हो । हर साल जब इस पुरस्कार की घोषणा होती है, तो विजेता के साथ-साथ इससे जुड़ी नकद राशि भी चर्चा का विषय बन जाती है।
नोबेल शांति पुरस्कार में कुल तीन चीजें शामिल होती हैं- एक स्वर्ण पदक, एक आधिकारिक प्रमाणपत्र और नकद पुरस्कार राशि। यह नकद राशि स्वीडिश क्रोना (SEK) में दी जाती है। साल 2025 में नोबेल शांति पुरस्कार के लिए यह राशि 11 मिलियन स्वीडिश क्रोना तय की गई है।
अगर इस रकम को भारतीय रुपये में बदला जाए, तो यह करीब 10.36 करोड़ रुपये के आसपास बैठती है। यानी शांति के क्षेत्र में असाधारण योगदान देने वाले व्यक्ति को न सिर्फ वैश्विक सम्मान मिलता है, बल्कि आर्थिक रूप से भी यह पुरस्कार बेहद बड़ा माना जाता है।
साल 2025 में यह प्रतिष्ठित सम्मान वेनेजुएला की विपक्षी नेता María Corina Machado को दिया गया है। उन्हें यह पुरस्कार लोकतंत्र, मानवाधिकारों और स्वतंत्र अभिव्यक्ति के लिए उनके निरंतर संघर्ष के लिए प्रदान किया गया। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने उनके प्रयासों को साहसिक और प्रेरणादायक बताया है।
नोबेल शांति पुरस्कार की राशि समय-समय पर बदली जाती रही है। नोबेल फाउंडेशन द्वारा दी जाने वाली यह रकम निवेश से होने वाली आय और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के आधार पर तय होती है। पिछले कुछ वर्षों में इस राशि में बढ़ोतरी की गई है, ताकि पुरस्कार की वैश्विक प्रतिष्ठा और महत्व को बनाए रखा जा सके।
दिलचस्प बात यह है कि कई विजेता इस पुरस्कार राशि को सामाजिक कार्यों, चैरिटी या अपने मिशन को आगे बढ़ाने में खर्च करते हैं। कुछ विजेताओं ने तो पूरी रकम मानवाधिकार, शिक्षा और शांति अभियानों के लिए दान भी कर दी है। नोबेल शांति पुरस्कार सिर्फ पैसों का सम्मान नहीं है, बल्कि यह एक नैतिक और वैश्विक मान्यता है। यह पुरस्कार विजेता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी बात रखने की ताकत देता है और उनके काम को दुनिया भर में पहचान दिलाता है।
कुल मिलाकर, 11 मिलियन स्वीडिश क्रोना यानी करीब 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि के साथ मिलने वाला यह सम्मान यह साबित करता है कि शांति और मानवाधिकारों के लिए किया गया संघर्ष आज भी वैश्विक स्तर पर सबसे मूल्यवान माना जाता है।