कितने सच हैं 'ऑपरेशन सिंदूर' में पाक के जेट गिराने के दावे
कितने सच हैं 'ऑपरेशन सिंदूर' में पाक के जेट गिराने के दावे
भारत की वायुसेना के एक बड़े खुलासे ने चर्चा तेज कर दी है। एयर फोर्स चीफ ने जानकारी दी कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान के 5 फाइटर जेट F-16 और JF-17—को मार गिराया गया था। यह बयान सामने आने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि पाकिस्तान की ओर से लगातार इंकार क्यों किया जा रहा है और असलियत आखिर क्या है।
खुलासे के मुताबिक, भारतीय वायुसेना ने इस अभियान में बेहद सटीक रणनीति अपनाई थी। पाकिस्तानी फाइटर जेट्स ने सीमा पार से भारतीय इलाकों पर दबाव बनाने की कोशिश की थी, लेकिन वायुसेना की त्वरित प्रतिक्रिया ने उनके इरादों को नाकाम कर दिया। एयर चीफ का कहना है कि ऑपरेशन के दौरान इस्तेमाल की गई तकनीक और पायलटों की तैयारी इतनी मजबूत थी कि दुश्मन को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
पाकिस्तान की तरफ से इन घटनाओं पर आधिकारिक पुष्टि कभी नहीं की गई। वहां के मीडिया ने भी ऐसे किसी नुकसान को मानने से इनकार किया। लेकिन भारतीय अधिकारियों का दावा है कि उपग्रह तस्वीरों और रडार ट्रैकिंग से यह साबित होता है कि कई जेट गिराए गए थे। इस बीच कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि पाकिस्तान अपने सैन्य नुकसान को छुपाना चाहता है ताकि उसकी आंतरिक और अंतरराष्ट्रीय छवि पर असर न पड़े।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के नाम से सामने आए इस अभियान के पीछे का असली मकसद भारत की वायु सुरक्षा क्षमता को मजबूत तरीके से पेश करना था। भारतीय पायलटों ने इस दौरान जो कौशल दिखाया, उसने फिर से यह साबित किया कि वायुसेना किसी भी स्थिति में देश की सीमाओं की रक्षा करने के लिए पूरी तरह सक्षम है।
हालांकि इन दावों के बीच कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। क्या वाकई पाकिस्तान ने अपने इतने आधुनिक जेट गंवाए और अगर हां तो अब तक चुप्पी क्यों साध रखी है। दूसरी ओर भारत का रुख साफ है कि वायुसेना की कार्रवाई केवल सुरक्षा की दृष्टि से थी और किसी भी तरह के उकसावे का जवाब देना जरूरी था।
यह सच है कि सैन्य अभियानों की पूरी तस्वीर अक्सर बाहर नहीं आती, लेकिन इतना जरूर है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़े दावे और बयान दोनों देशों के बीच तनाव की नई परतें खोल रहे हैं। असलियत क्या है, इसका जवाब समय ही देगा।