“मैं अपने घर में सुरक्षित नहीं हूं”: तनुश्री दत्ता का दर्द—‘मी टू’ के बाद लगातार हो रही परेशानियों में पुलिस से उम्मीद

Updated on 2025-07-23T15:50:29+05:30

“मैं अपने घर में सुरक्षित नहीं हूं”: तनुश्री दत्ता का दर्द—‘मी टू’ के बाद लगातार हो रही परेशानियों में पुलिस से उम्मीद

“मैं अपने घर में सुरक्षित नहीं हूं”: तनुश्री दत्ता का दर्द—‘मी टू’ के बाद लगातार हो रही परेशानियों में पुलिस से उम्मीद

तनुश्री दत्ता, जिन्होंने 2018 में नाना पाटेकर के ख़िलाफ़ अपनी आवाज़ बुलंद करके भारत में “मी टू” आंदोलन की शुरुआत की, ने इंस्टाग्राम पर एक बेहद भावुक वीडियो शेयर किया। नज़र आ रहा है कि वह घर की दीवारों और दरवाज़ों पर लगातार किसी अनजान आवाज़ और डर से परेशान हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि पांच साल से चल रही इस मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना ने उन्हें चिड़चिड़ा, थका हुआ और बिस्तर से उठने में असमर्थ बना दिया है  ।

तनुश्री ने बताया कि वह घरेलू मदद तक नहीं रख सकतीं क्योंकि जैसे ही किसी नौकरानी को लाती हैं, उसमें “कोई गड़बड़” निकल आती है,चोरी और नुकसान की घटनाएं हो चुकी हैं। लगातार ऊपरी छत पर दस्तक या तेज़ आवाज़ सुनकर उनका घर “बेतरतीब और उथल-पुथल” हो गया है  ।

उनकी हालत इतनी नाज़ुक हो गई है कि डॉक्टरों ने उन्हें “क्रॉनिक थकान सिंड्रोम” (चिकित्सकीय थकान) बताया है,एक ऐसी समस्या जो तनाव और चिंता से जन्म ले सकती है  ।

तनुश्री ने पुलिस को इस सिलसिले में इमरजेंसी कॉल किया और उन्हें बुलाकर FIR दर्ज करने की सलाह दी गई है। अब वो इस प्रक्रिया को शुरू करेंगी और उम्मीद जताई है कि आवाज़ उठाने के बाद शायद उन्हें सुरक्षा मिलेगी  ।

तनुश्री दत्ता की यह वीडियो केवल एक भावुक बयान नहीं, बल्कि ऐसे दर्द की पुकार है जो एक अकेली महिला लंबे समय से सुन रही है। देशभर के लोग सोशल मीडिया पर उनका हौसला बढ़ा रहे हैं, और अब यह देखना होगा कि कानून के हाथ कितनी तेजी से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।