अमेरिकी A.I Tools के असर से भारत आईटी शेयरों में भारी गिरावट

Updated on 2026-02-04T15:12:11+05:30

अमेरिकी A.I Tools के असर से भारत आईटी शेयरों में भारी गिरावट

अमेरिकी A.I Tools के असर से भारत आईटी शेयरों में भारी गिरावट

अमेरिका में एक नए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल को लेकर मची हलचल का असर अब भारतीय शेयर बाजार में भी देखने को मिला। कारोबारी सत्र की शुरुआत के साथ ही आईटी सेक्टर के प्रमुख शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो और एचसीएल टेक जैसे बड़े नाम लाल निशान में खुले, जिससे पूरे आईटी इंडेक्स पर दबाव बना रहा।

सूत्रों के अनुसार, अमेरिका में हाल ही में एक उन्नत एआई टूल के सामने आने के बाद वहां की टेक कंपनियों के भविष्य के बिजनेस मॉडल को लेकर निवेशकों की चिंताएं बढ़ी हैं। माना जा रहा है कि यह एआई टूल सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और आईटी सर्विसेज के पारंपरिक ढांचे को प्रभावित कर सकता है। इसी आशंका के चलते अमेरिकी टेक शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई, जिसका सीधा असर वैश्विक बाजारों पर पड़ा।

इस बीच, भारतीय बाजार में निवेशकों ने भी सतर्क रुख अपनाया। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि भारतीय आईटी कंपनियों की बड़ी आय अमेरिका और यूरोप से आती है। ऐसे में अमेरिकी टेक सेक्टर में किसी भी तरह की अनिश्चितता का असर भारतीय कंपनियों के शेयरों पर पड़ना स्वाभाविक है। सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या नई एआई तकनीक आईटी सर्विस इंडस्ट्री की मांग को लंबे समय में प्रभावित कर सकती है।

वहीं दूसरी ओर, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट पूरी तरह भावनात्मक प्रतिक्रिया का नतीजा हो सकती है। उनका कहना है कि भारतीय आईटी कंपनियां पहले भी तकनीकी बदलावों के दौर से सफलतापूर्वक गुजर चुकी हैं। प्रशासन और कंपनियों की ओर से फिलहाल इस गिरावट को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

बताया जा रहा है कि निवेशक अब अमेरिकी बाजार से जुड़े अगले संकेतों और कंपनियों की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। बाजार पर नजर रखने वालों का कहना है कि आने वाले दिनों में आईटी शेयरों की चाल वैश्विक टेक सेक्टर से जुड़ी खबरों पर निर्भर करेगी। फिलहाल, बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है और निवेशक सतर्कता के साथ कारोबार कर रहे हैं।

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