iPhone के दाम पाकिस्तान में होंगे और महंगे, टैरिफ बढ़ने से आम उपभोक्ता की पहुंच से बाहर होंगे Apple डिवाइस

Updated on 2025-04-11T12:53:51+05:30

iPhone के दाम पाकिस्तान में होंगे और महंगे, टैरिफ बढ़ने से आम उपभोक्ता की पहुंच से बाहर होंगे Apple डिवाइस

iPhone के दाम पाकिस्तान में होंगे और महंगे, टैरिफ बढ़ने से आम उपभोक्ता की पहुंच से बाहर होंगे Apple डिवाइस

वर्तमान में पाकिस्तान में iPhone की कीमतें पहले से ही अमेरिका और अन्य बाजारों की तुलना में काफी अधिक हैं। इसकी वजह हैं भारी आयात शुल्क, टैक्स और नियामकीय फीस। उदाहरण के तौर पर, अमेरिका में iPhone 16 की कीमत जहां 799 डॉलर (लगभग 2,24,000 पाकिस्तानी रुपये) है, वहीं पाकिस्तान में यही डिवाइस लगभग 2,24,000 रुपये में बिक रहा है। लेकिन अब टैरिफ बढ़ने के बाद इसकी कीमत करीब 1,142 डॉलर यानी लगभग 3,20,000 पाकिस्तानी रुपये तक पहुंच सकती है।

iPhone 16 Pro Max की कीमत 10 लाख रुपये तक जा सकती है
स्थिति और भी चिंताजनक हो जाती है जब बात iPhone 16 Pro Max जैसे हाई-एंड मॉडल्स की होती है। अमेरिका में इसकी कीमत 1,599 डॉलर है, लेकिन पाकिस्तान में यह पहले से ही लगभग 4,50,000 रुपये में बिक रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि टैरिफ स्ट्रक्चर में प्रस्तावित 43% वृद्धि के चलते इसकी कीमत 6,50,000 रुपये तक पहुंच सकती है। और टैक्स, शिपिंग चार्ज व डीलर मार्जिन जोड़ने के बाद यह कीमत कुछ क्षेत्रों में 10 लाख रुपये तक भी जा सकती है।

ग्रे मार्केट और वैकल्पिक ब्रांड्स की ओर झुकाव बढ़ेगा
टेक एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस मूल्यवृद्धि का सीधा असर बिक्री पर पड़ेगा। उपभोक्ताओं का रुझान अब ग्रे मार्केट या फिर उन ब्रांड्स की ओर बढ़ सकता है जो कम कीमत में अच्छे फीचर्स दे रहे हैं। खासकर मिड-रेंज और बजट स्मार्टफोनों की मांग में इजाफा हो सकता है।

आर्थिक सुधारों की मार टेक्नोलॉजी पर
पाकिस्तानी सरकार अपने आर्थिक सुधारों और आयात नियंत्रण नीतियों के तहत इन टैरिफ बढ़ोतरी की तैयारी कर रही है। हालांकि, इसका असर आम जनता और खासकर टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स पर साफ दिखाई देगा, जो स्मार्टफोन को न केवल मनोरंजन बल्कि कामकाज के जरूरी उपकरण के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं।


Apple जैसे ब्रांड्स की प्रीमियम डिवाइसेज पहले ही पाकिस्तान में सीमित वर्ग तक सिमट चुकी हैं। आने वाले दिनों में इनकी कीमतों में और तेजी आने से आम उपभोक्ताओं के लिए iPhone एक ‘लक्ज़री’ नहीं, बल्कि ‘सपना’ बन जाएगा। सरकार को चाहिए कि वह तकनीक की पहुंच को आसान बनाने के लिए संतुलित नीतियां अपनाए, ताकि डिजिटल विकास की रफ्तार थमती नज़र न आए।