अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर ईरान का हमला, न्यूक्लियर साइट्स पर US स्ट्राइक के बाद बढ़ा तनाव

Updated on 2025-06-24T11:47:58+05:30

अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर ईरान का हमला, न्यूक्लियर साइट्स पर US स्ट्राइक के बाद बढ़ा तनाव

अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर ईरान का हमला, न्यूक्लियर साइट्स पर US स्ट्राइक के बाद बढ़ा तनाव

ईरान ने सीरिया स्थित एक अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर मिसाइल हमला किया है, जिसकी जानकारी स्थानीय मीडिया ने दी है। हालांकि अमेरिका की ओर से इस हमले की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब एक दिन पहले अमेरिका ने ईरान के तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों—फोर्डो, नतांज़ और इस्फहान—पर हवाई हमले किए थे। ईरान ने पहले ही चेतावनी दी थी कि वह इन हमलों का मुंहतोड़ जवाब देगा। फिलहाल ईरानी हमले में किसी के घायल या हताहत होने की जानकारी नहीं मिली है, और नुकसान की स्थिति भी स्पष्ट नहीं है।

सोमवार सुबह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में ईरान के प्रतिनिधि अमीर सईद इरवानी ने अमेरिकी कार्रवाई को “साफ तौर पर अपराध” बताया और कहा कि जवाबी कार्रवाई का “समय, तरीका और स्तर” ईरानी सशस्त्र बल तय करेंगे। उन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू पर भी संघर्ष को भड़काने और अमेरिका को इसमें घसीटने का आरोप लगाया।

इससे पहले रविवार को अमेरिका ने ईरान के जिन परमाणु केंद्रों पर हमला किया था, वे उसके न्यूक्लियर कार्यक्रम के लिहाज से बेहद अहम माने जाते हैं। फोर्डो एक भूमिगत यूरेनियम संवर्धन केंद्र है, जबकि नतांज़ पहले ही इजरायली हमले में आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो चुका था। इस्फहान के पास का तीसरा केंद्र उच्च स्तर पर संवर्धित यूरेनियम भंडारण के लिए जाना जाता है।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन हमलों को “ऐतिहासिक क्षण” बताया और ईरान से संघर्ष खत्म करने की अपील की है। उन्होंने व्हाइट हाउस से रात 10 बजे राष्ट्र को संबोधित करने की घोषणा भी की है। हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं और दुनिया भर की नजरें इस टकराव पर टिकी हैं।