जंग रोकने को ईरान की 3 शर्तें, अमेरिका और इजरायल से मांगा हर्जाना

Updated on 2026-03-12T12:18:39+05:30

जंग रोकने को ईरान की 3 शर्तें, अमेरिका और इजरायल से मांगा हर्जाना

जंग रोकने को ईरान की 3 शर्तें, अमेरिका और इजरायल से मांगा हर्जाना

Iran Peace Conditions: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान की ओर से बड़ा बयान सामने आया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा है कि उनका देश शांति चाहता है, लेकिन युद्ध खत्म करने के लिए कुछ जरूरी शर्तों को मानना होगा। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष अमेरिका और इजरायल की वजह से शुरू हुआ है और इसे खत्म करने के लिए ईरान के अधिकारों को मान्यता देना जरूरी है।

पेजेश्कियान ने साफ कहा कि ईरान शांति के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए तीन शर्तें पूरी करनी होंगी। इनमें ईरान के कानूनी अधिकारों को स्वीकार करना, हुए नुकसान का हर्जाना देना और भविष्य में हमलों को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ठोस गारंटी देना शामिल है।

रूस और पाकिस्तान के नेताओं से बातचीत

ईरानी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि उन्होंने रूस और पाकिस्तान के नेताओं से बातचीत की है। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में शांति के लिए ईरान की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि संघर्ष खत्म करने का एकमात्र रास्ता यही है कि ईरान के अधिकारों को मान्यता दी जाए और सुरक्षा की अंतरराष्ट्रीय गारंटी दी जाए।

कूटनीतिक कोशिशें तेज

यह बयान ऐसे समय में आया है जब युद्ध रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं। रूस लगातार ईरानी नेतृत्व के संपर्क में है और संघर्ष खत्म करने की अपील कर रहा है। पेजेश्कियान ने कहा कि ईरान युद्ध रोकने के लिए तैयार है, लेकिन वह अमेरिका और इजरायल के सामने झुकने वाला नहीं है।

ईरान का सख्त रुख क्यों?

मध्य पूर्व मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के सख्त रुख के पीछे कई कारण हो सकते हैं। पहला कारण उसकी वैचारिक नीति है, जिसमें अमेरिका विरोध लंबे समय से शामिल रहा है। दूसरा कारण देश के नेतृत्व की स्थिति को मजबूत करना माना जा रहा है। वहीं तीसरा कारण ईरान की सुरक्षा इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की साख से जुड़ा बताया जा रहा है, जो अपनी ताकत और प्रभाव बनाए रखना चाहती है।

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