IRCTC Scam: क्या है IRCTC घोटाला, कितनी हुई रुपये की हेराफेरी?

Updated on 2025-10-13T16:05:06+05:30

IRCTC Scam: क्या है IRCTC घोटाला, कितनी हुई रुपये की हेराफेरी?

IRCTC Scam: क्या है IRCTC घोटाला, कितनी हुई रुपये की हेराफेरी?

IRCTC Scam: भारत के सबसे चर्चित भ्रष्टाचार मामलों में से एक — आईआरसीटीसी घोटाला — अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव सहित कई लोगों पर आरोप तय किए हैं। यह मामला 2004 से 2009 के बीच लालू यादव के रेल मंत्री रहते हुए रांची और पुरी के दो आईआरसीटीसी होटलों के टेंडर में गड़बड़ी से जुड़ा है।

क्या है आईआरसीटीसी घोटाला?

2004–2009 के दौरान लालू यादव रेल मंत्री थे। तब रेलवे ने रांची और पुरी के बीएनआर होटलों का संचालन और रखरखाव आईआरसीटीसी को सौंपा था। जांच में पता चला कि इन होटलों का ठेका विनय और विजय कोचर की कंपनी सुजाता होटल प्राइवेट लिमिटेड को गलत तरीके से दिया गया।

जमीन सौदा और रिश्वत का आरोप

सीबीआई का कहना है कि इस ठेके के बदले लालू परिवार को पटना में तीन एकड़ की जमीन रिश्वत के रूप में दी गई थी। यह जमीन पहले एक बेनामी कंपनी डिलाइट मार्केटिंग लिमिटेड के जरिए दी गई और बाद में राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव की कंपनी लारा प्रोजेक्ट्स एलएलपी ने खरीद ली।

करीब 94 करोड़ की इस जमीन को सिर्फ 65 लाख रुपए में बेचा गया, जबकि इसका सरकारी मूल्य लगभग 32 करोड़ रुपए था। अदालत ने सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और साजिश रचने के आरोप तय किए हैं।