क्या वाकई ट्रंप नार्सिसिस्ट हैं? नोबेल, जीनियस और आडंबर पर उठे सवाल
क्या वाकई ट्रंप नार्सिसिस्ट हैं? नोबेल, जीनियस और आडंबर पर उठे सवाल
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अक्सर अपने बयानों और अंदाज को लेकर चर्चा में रहते हैं। खुद को ‘स्टेबल जीनियस’ बताना, नोबेल शांति पुरस्कार पाने की जिद और अपने चारों ओर आडंबर का माहौल बनाए रखना, उनकी शख्सियत पर बार-बार सवाल खड़े करता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप का व्यवहार कई बार नार्सिसिस्टिक पर्सनालिटी डिसऑर्डर की झलक दिखाता है, जिसमें व्यक्ति खुद को दूसरों से बेहतर मानता है और लगातार प्रशंसा चाहता है। यही वजह है कि वे अक्सर मीडिया और पब्लिक स्टेटमेंट्स में अपनी उपलब्धियों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हैं।
हालांकि, उनके समर्थक इसे मजबूत आत्मविश्वास और करिश्मा मानते हैं, जिसने उन्हें सत्ता तक पहुंचाया। लेकिन आलोचकों का मानना है कि यही गुण कभी-कभी लोकतांत्रिक व्यवस्था और वैश्विक राजनीति के लिए चुनौती भी बन जाते हैं। ट्रंप की शख्सियत को लेकर बहस इसलिए भी जारी है क्योंकि वे अब भी अमेरिकी राजनीति में सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक हैं।