Israel-Iran War: ट्रंप के दावे पर ईरान का पलटवार, कहा- जंग कब खत्म होगी यह हम तय करेंगे

Updated on 2026-03-10T11:16:19+05:30

Israel-Iran War: ट्रंप के दावे पर ईरान का पलटवार, कहा- जंग कब खत्म होगी यह हम तय करेंगे

Israel-Iran War: ट्रंप के दावे पर ईरान का पलटवार, कहा- जंग कब खत्म होगी यह हम तय करेंगे

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध जल्द खत्म हो सकता है। हालांकि ईरान ने इस बयान पर सख्त प्रतिक्रिया दी है। ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने साफ कहा है कि युद्ध कब खत्म होगा, यह ईरान तय करेगा, अमेरिका नहीं।

ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या कहा

सोमवार को फ्लोरिडा में अपने डोरल नेशनल गोल्फ क्लब में ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा कि युद्ध जल्द खत्म हो सकता है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर लड़ाई फिर से बढ़ी तो ईरान पर और ज्यादा कड़े हमले किए जाएंगे।

ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका और इजरायल के हमलों से अपने लक्ष्य हासिल कर चुके हैं। हालांकि उन्होंने यह साफ नहीं बताया कि युद्ध कब तक खत्म होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर अमेरिका पहले हमला नहीं करता, तो ईरान एक हफ्ते के भीतर अमेरिका पर हमला कर सकता था।

ईरान का जवाब

ट्रंप के बयान के बाद ईरान की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया आई। ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि युद्ध का अंत ईरान तय करेगा। बयान में कहा गया कि क्षेत्र की स्थिति और भविष्य अब ईरान की सशस्त्र सेनाओं के हाथ में है और अमेरिकी सेना युद्ध खत्म नहीं कर सकती।

इजरायल और ईरान के बीच हमले जारी

अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। युद्ध अब 11वें दिन में पहुंच गया है। इजरायल ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों और मिसाइल केंद्रों पर हमले किए हैं। वहीं लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों को भी निशाना बनाया गया है।

इसके जवाब में ईरान ने इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रखे हैं।

गल्फ देशों में भी बढ़ा तनाव

इस संघर्ष का असर खाड़ी देशों में भी देखा जा रहा है। बहरीन में अमेरिकी नौसेना के सलमान पोर्ट पर ड्रोन हमला हुआ, जिसमें कई लोग घायल हुए। कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात पर भी ड्रोन और मिसाइल हमलों की खबरें सामने आई हैं।

सऊदी अरब में एक अमेरिकी सैनिक की मौत हो चुकी है और अब तक कुल आठ अमेरिकी सैनिकों की जान जा चुकी है।

इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका ईरान में जमीनी सेना नहीं भेजेगा और ईरान के लिए बिना शर्त आत्मसमर्पण ही एकमात्र रास्ता है। हालांकि ईरान झुकने के संकेत नहीं दे रहा है। इस युद्ध पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है, क्योंकि तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है।

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