इजरायल का हमला जारी, खामेनेई का अल्टीमेटम; बोले हम सब तैयार
इजरायल का हमला जारी, खामेनेई का अल्टीमेटम; बोले हम सब तैयार
सीजफायर पर सहमति के बीच मध्य पूर्व में तनाव कम होने के बजाय और जटिल होता नजर आ रहा है। इसी बीच ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई का बड़ा और सख्त संदेश सामने आया है, जिसने अमेरिका और इजरायल दोनों को साफ संकेत दे दिया है। उन्होंने साफ कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अपने अधिकारों से किसी भी हाल में पीछे नहीं हटेगा।
‘जंग नहीं चाहते, लेकिन झुकेंगे भी नहीं’
सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित अपने लिखित संदेश में खामेनेई ने कहा कि ईरान ने कभी युद्ध की पहल नहीं की और न ही वह इसे चाहता है। लेकिन अगर देश के अधिकारों और संप्रभुता पर खतरा आया, तो ईरान पूरी ताकत के साथ जवाब देगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे संघर्ष में शामिल सभी पक्षों को अलग-अलग नहीं, बल्कि एक ही नजर से देखा जाएगा।
उनका यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब लेबनान में इजरायल के हमले लगातार तेज हो रहे हैं। माना जा रहा है कि खामेनेई का यह संदेश सीधे तौर पर इजरायल और उसके सहयोगियों के लिए चेतावनी है।
लेबनान और हिजबुल्लाह पर बढ़ता तनाव
खामेनेई के बयान को लेबनान की स्थिति से जोड़कर देखा जा रहा है, जहां इजरायल की ओर से ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह पर लगातार हमले किए जा रहे हैं। इजरायल पहले ही साफ कर चुका है कि सीजफायर समझौते में लेबनान शामिल नहीं है, जिससे हालात और ज्यादा गंभीर हो गए हैं।
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बड़ा संकेत
अपने संदेश में खामेनेई ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान इस अहम समुद्री मार्ग को संभालने के तरीके में बदलाव करने जा रहा है और इसे एक नए स्तर पर ले जाएगा। यह बयान वैश्विक तेल सप्लाई के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है।
जनता से सड़कों पर उतरने की अपील
खामेनेई ने ईरान की जनता से भी अपील की कि वे युद्धविराम के बावजूद अपनी आवाज उठाना बंद न करें। उन्होंने कहा कि जब जनता एकजुट होकर सड़कों पर उतरती है, तो बड़े फैसले बदलने पर मजबूर हो जाते हैं। उनका यह बयान देश के अंदर राजनीतिक और सामाजिक माहौल को भी प्रभावित कर सकता है।
सत्ता संभालने के बाद पहली बड़ी प्रतिक्रिया
56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई को ईरान का सर्वोच्च नेता तब बनाया गया था, जब 28 फरवरी को युद्ध की शुरुआत में उनके पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। उस हमले में मोजतबा खुद भी घायल हुए थे।
सत्ता संभालने के बाद से खामेनेई सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं, जिससे उनकी सेहत और लोकेशन को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। ब्रिटेन की एक रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया था कि वह फिलहाल इलाज के दौर से गुजर रहे हैं और सक्रिय रूप से शासन नहीं संभाल पा रहे हैं।
बढ़ती अनिश्चितता के बीच बड़ा संदेश
ऐसे समय में जब उनकी स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं, खामेनेई का यह नया संदेश बेहद अहम माना जा रहा है। इससे साफ है कि ईरान फिलहाल पीछे हटने के मूड में नहीं है और आने वाले दिनों में मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ सकता है।
कुल मिलाकर, सीजफायर के बावजूद हालात सामान्य होने के संकेत नहीं मिल रहे हैं, बल्कि बयानबाजी और रणनीतिक कदमों से यह साफ हो गया है कि टकराव का खतरा अभी भी बना हुआ है।
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