पाकिस्तान में पत्रकारों पर हमला, पुलिस पर सच्चाई दबाने का आरोप

Updated on 2025-10-03T11:19:38+05:30

पाकिस्तान में पत्रकारों पर हमला, पुलिस पर सच्चाई दबाने का आरोप

पाकिस्तान में पत्रकारों पर हमला, पुलिस पर सच्चाई दबाने का आरोप

पाकिस्तान ऑक्यूपाइड जम्मू-कश्मीर (PoJK) में बढ़ते विरोध का असर अब इस्लामाबाद तक पहुंच गया है. नेशनल प्रेस क्लब (NPC) में कश्मीर एक्शन कमेटी के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया और पत्रकारों के कैमरे व अन्य उपकरण तोड़ दिए. यह प्रदर्शन PoJK में हो रहे कथित अत्याचार और इंटरनेट बंदी के खिलाफ था.

गुरुवार को इस्लामाबाद पुलिस ने NPC में घुसकर प्रदर्शनकारियों और पत्रकारों पर हमला किया, जिससे पूरे देश में गुस्सा फैल गया.

मानवाधिकार संगठनों की प्रतिक्रिया

ह्यूमन राइट्स कमीशन ऑफ पाकिस्तान (HRCP) ने इस हमले की निंदा की और जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की.

वरिष्ठ पत्रकारों और नेताओं की प्रतिक्रिया

पाकिस्तानी पत्रकार ज़ाईद गिशकोरी ने कहा कि यह हमला गंभीर सवाल खड़े करता है कि आखिर पत्रकारों की सुरक्षित जगह ही कैसे असुरक्षित हो गई. संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की पूर्व राजदूत मलीहा लोधी ने भी इस कार्रवाई को “निंदनीय” बताया और जवाबदेही की मांग की.

यह घटना साफ दिखाती है कि PoJK का विरोध अब सिर्फ स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजधानी इस्लामाबाद और पूरे देश की राजनीति और समाज को प्रभावित कर रहा है.