इतने फोन नंबर एक साथ कैसे ब्लॉक हुए सच जानें…

Updated on 2025-11-25T15:21:02+05:30

इतने फोन नंबर एक साथ कैसे ब्लॉक हुए सच जानें…

इतने फोन नंबर एक साथ कैसे ब्लॉक हुए सच जानें…

TRAI ने हाल ही में 21 लाख से ज्यादा मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिए हैं। ये कार्रवाई उन नंबरों पर की गई, जिनका इस्तेमाल लगातार स्पैम, फ्रॉड और फिशिंग कॉल करने में हो रहा था। इसके साथ ही ट्राई ने मोबाइल यूजर्स के लिए नई एडवाइजरी जारी की है, ताकि लोग ठगी का शिकार होने से बच सकें।

टेलीकॉम रेगुलेटर की जांच में पाया गया कि बड़ी संख्या में मोबाइल कनेक्शन गलत दस्तावेजों पर लिए गए थे। कई नंबर एक ही पहचान पत्र से निकाले गए और बाद में उन नंबरों का इस्तेमाल बैंक फ्रॉड, नकली लोन ऑफर, यूपीआई लिंक भेजने और कस्टमर केयर बनकर ठगी करने के लिए किया जा रहा था। ऐसे नंबरों पर बार-बार शिकायतें दर्ज हो रही थीं, इसलिए ट्राई ने इन्हें तुरंत बंद करने का निर्देश दिया।

अडवाइजरी में कहा गया है कि कोई भी यूजर अनजान नंबर से आए लिंक, OTP मांगने वाले कॉल, KYC अपडेट के नाम पर पूछी जाने वाली जानकारी या लोन–इन्वेस्टमेंट जैसी स्कीमों पर भरोसा न करे। ट्राई का कहना है कि इन 21 लाख नंबरों का एक बड़ा हिस्सा वित्तीय धोखाधड़ी में सक्रिय था और कई अंतरराज्यीय गिरोह इन्हें ऑपरेट कर रहे थे। कार्रवाई के बाद अब टेलीकॉम कंपनियों को नए सिम जारी करते समय और सख्त वेरिफिकेशन करने का निर्देश दिया गया है।

ट्राई ने यूजर्स को यह भी सलाह दी है कि अनचाही कॉल्स की शिकायत ‘DND’ या 1909 पर करें। अगर किसी नंबर से लगातार फ्रॉड कोशिश हो रही हो, तो तुरंत उस नंबर की रिपोर्ट करें ताकि भविष्य में ऐसे स्कैम रोके जा सकें। इसके अलावा, किसी भी कॉल पर अपने बैंक डिटेल, आधार, पैन, पासवर्ड या यूपीआई पिन न बताने की चेतावनी भी दी गई है।

यह पहली बार है जब एक साथ इतने बड़े पैमाने पर फोन नंबर ब्लॉक हुए हैं। ट्राई का कहना है कि अगली कार्रवाई और भी सख्त होगी क्योंकि डिजिटल पेमेंट और ऑनलाइन बैंकिंग के बढ़ने के साथ साइबर फ्रॉड भी तेजी से बढ़ रहा है। इस कदम का लक्ष्य मोबाइल नेटवर्क को सुरक्षित बनाना और आम यूजर्स को ठगी से बचाना है।