छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चे पर बड़ा बदलाव एक साथ 210 नक्सलियों ने छोड़ा हथियार

Updated on 2025-10-17T15:57:03+05:30

छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चे पर बड़ा बदलाव एक साथ 210 नक्सलियों ने छोड़ा हथियार

छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चे पर बड़ा बदलाव एक साथ 210 नक्सलियों ने छोड़ा हथियार

छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां एक साथ 210 नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। इन सभी ने संविधान की प्रति हाथ में लेकर पुलिस और प्रशासन के सामने आत्मसमर्पण किया। यह राज्य में अब तक का सबसे बड़ा सरेंडर ऑपरेशन माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वालों में कई वांछित नक्सली शामिल हैं, जिन पर लाखों रुपये के इनाम घोषित थे। इन नक्सलियों ने 153 हथियार पुलिस के हवाले किए, जिनमें राइफल, बंदूकें और बड़ी मात्रा में गोलाबारूद शामिल है। सरेंडर कार्यक्रम बस्तर के दंतेवाड़ा में आयोजित किया गया, जहां वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और जिला प्रशासन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि यह शांति और विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक शुरुआत है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि जंगलों में हिंसा की जगह शिक्षा और रोज़गार पहुंचे। सरकार ने सरेंडर करने वालों को पुनर्वास योजना के तहत सहायता देने का आश्वासन भी दिया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हाल के महीनों में लगातार चल रहे अभियान और ग्रामीणों के बीच भरोसे की पहल का असर अब दिखने लगा है। प्रशासन द्वारा विकास कार्यों और संवाद कार्यक्रमों के चलते कई नक्सली संगठनों से दूर हो रहे हैं।

सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, एक साथ इतने नक्सलियों का सरेंडर इस बात का संकेत है कि माओवादी आंदोलन कमजोर पड़ रहा है। बस्तर जैसे इलाकों में जहां कभी पुलिस की एंट्री मुश्किल मानी जाती थी, वहां अब स्थानीय लोग खुद बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

सरेंडर करने वाले सभी नक्सलियों को फिलहाल पुनर्वास केंद्र भेजा गया है, जहां उन्हें शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार से जुड़ी सुविधाएं दी जाएंगी। राज्य सरकार का दावा है कि आने वाले महीनों में और भी नक्सली आत्मसमर्पण करने के लिए आगे आ सकते हैं।