US-ईरान सीजफायर उम्मीद से बाजार उछला, सेंसेक्स निफ्टी चढ़े
US-ईरान सीजफायर उम्मीद से बाजार उछला, सेंसेक्स निफ्टी चढ़े
Share Market: 16 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन मजबूती देखने को मिली। वैश्विक संकेतों और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीदों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 465.55 अंक यानी 0.60% चढ़कर 78,576.79 के स्तर पर पहुंच गया, वहीं निफ्टी 111.75 अंकों की बढ़त के साथ 24,343.05 पर ट्रेड करता नजर आया।
इससे पहले बुधवार को भी बाजार में जबरदस्त रिकवरी दर्ज की गई थी। उस दिन सेंसेक्स 1,263 अंक या 1.64% की छलांग लगाकर 78,111 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 389 अंक या 1.63% की तेजी के साथ 24,231 के स्तर पर क्लोज हुआ था।
क्यों आ रही है बाजार में तेजी?
बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच संभावित युद्ध विराम की खबरें हैं। इससे निवेशकों की चिंता कम हुई है और बाजार में खरीदारी का रुझान बढ़ा है।
इसके अलावा, अमेरिकी शेयर बाजार के रिकॉर्ड स्तर पर बंद होने का असर भी भारतीय बाजार पर साफ दिख रहा है। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने निवेशकों का मूड मजबूत किया है।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भी बाजार के लिए राहत भरी खबर है। ब्रेंट क्रूड करीब 94 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है, जिससे भारत के लिए आयात सस्ता होगा और कंपनियों के मुनाफे में सुधार की उम्मीद बढ़ेगी।
साथ ही, आज Wipro, HDFC AMC और HDFC Life जैसी बड़ी कंपनियों के चौथी तिमाही के नतीजों पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है।
एशियाई बाजारों में भी दिखी रौनक
गुरुवार को एशियाई बाजारों में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिली। जापान का निक्केई 910 अंक यानी 1.57% उछलकर 59,044 के पार पहुंच गया। वहीं हैंगसैंग, कोस्पी और कोसडैक में भी बढ़त दर्ज की गई। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 भी हल्की तेजी के साथ कारोबार करता दिखा।
वॉल स्ट्रीट का मिला सपोर्ट
अमेरिकी बाजारों की बात करें तो बुधवार को S&P 500 0.80% बढ़कर 7,022.95 पर बंद हुआ। Nasdaq Composite में 1.59% की तेजी दर्ज की गई, जबकि Dow Jones में मामूली गिरावट देखी गई। इन संकेतों ने भारतीय बाजार को मजबूती दी है।
तेल और डॉलर में हलचल
गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट देखी गई। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.4% गिरकर 90.91 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि ब्रेंट क्रूड 94.72 डॉलर के आसपास रहा।
वहीं अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में भी हल्की कमजोरी देखने को मिली। रुपया डॉलर के मुकाबले मामूली गिरावट के साथ 93.38 पर बंद हुआ।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
कुल मिलाकर, वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और मजबूत अंतरराष्ट्रीय बाजारों के संकेतों ने भारतीय शेयर बाजार को मजबूती दी है।
अगर यही रुझान जारी रहता है, तो आने वाले दिनों में बाजार में और तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि, निवेशकों को कंपनियों के तिमाही नतीजों और वैश्विक घटनाक्रमों पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।
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